सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही पर रिया चक्रवर्ती के वकील ने जताई संतुष्टि

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फाइल फोटो

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मुंबई | अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती की कानूनी टीम ने सुशांत सिंह राजपूत मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से निकले परिणाम पर संतोष व्यक्त किया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि उनकी याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई होगी। अभिनेत्री के अधिवक्ता सतीश मानशिंदे ने कहा, सुप्रीम कोर्ट में याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई होगी। सभी संबंधितों को इस बीच अपना जवाब दाखिल करना है। महाराष्ट्र राज्य को निर्देश दिया गया है कि सुप्रीम कोर्ट के समक्ष मामले में उठाए गए सभी जांच कदमों को रखा जाए। हम सुनवाई के परिणाम से संतुष्ट हैं।

मानशिंदे ने कहा, सुप्रीम कोर्ट में कार्यवाही लंबित होने को देखते हुए इस मामले में रिया या उनकी ओर से किसी को भी कोई टिप्पणी करने से बचना चाहिए।

इससे पहले बुधवार को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि केंद्र सरकार ने अभिनेता की मौत के मामले में सीबीआई जांच करने के बिहार सरकार के अनुरोध को मान लिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों को तीन दिनों के अंदर अपना जवाब दाखिल करने को कहा है। अदालत ने इसके अलावा महाराष्ट्र पुलिस को मामले में अब तक की गई जांच पर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का भी निर्देश दिया है।

न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय ने सुशांत की प्रेमिका रिया चक्रवर्ती की पटना से मुंबई मामला स्थानांतरित करने की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा, बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई है।

न्यायाधीश रॉय ने कहा, एक प्रतिभाशाली कलाकार की मौत उन परिस्थितियों में हुई है, जो असामान्य है। जिन परिस्थितियों में मौत हुई है, उसकी जांच की दरकार है।

न्यायाधीश ने यह भी कहा कि इस बात की जांच करने की आवश्यकता है कि क्या मामले में कोई अपराधी शामिल था या नहीं।

न्यायमूर्ति रॉय ने कहा, मामले में हर किसी की राय है, हमें कानून के मुताबिक आगे बढ़ने की जरूरत है।

रिया के वकील ने शीर्ष अदालत को उन्हें अंतरिम सुरक्षा प्रदान करने के लिए कहा।

सुशांत के पिता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने याचिका का विरोध किया। सिंह ने दलील दी कि सबूतों के साथ छेड़छाड़ की जा रही है।

न्यायमूर्ति रॉय ने बिहार के पुलिस अधिकारी को 14 दिनों तक एकांतवास में रखने की कार्रवाई को लेकर महाराष्ट्र सरकार की खिंचाई की। बिहार के आईपीएस अधिकारी इस मामले की जांच के सिलसिले में मुंबई पहुंचे थे।

महाराष्ट्र सरकार के वकील ने जोर देकर कहा कि मामले में सबूतों को नष्ट नहीं किया गया है।

आईएएनएस


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