पार्श्व गायिका का निधन, 20 भाषाओं में 48,000 से अधिक गाने कर चुकी रिकॉर्ड, 4 बार जीता राष्ट्रीय फिल्म अवॉर्ड

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The Hindi Post

पार्श्व गायिका का निधन, 20 भाषाओं में 48,000 से अधिक गाने कर चुकी रिकॉर्ड, 4 बार जीता राष्ट्रीय फिल्म अवॉर्ड

 

नई दिल्ली | प्रसिद्ध गायिका एस. जानकी अम्मा के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है. पीएम ने उनके निधन को संगीत और संस्कृति की दुनिया के लिए अपूरणीय क्षति बताया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “प्रसिद्ध पार्श्व गायिका एस. जानकी अम्मा का निधन संगीत और संस्कृति की दुनिया के लिए अपूरणीय क्षति है. अलग-अलग भाषाओं में उनके गाने कई पीढ़ियों तक लोकप्रिय रहे. उन्होंने बेमिसाल खूबसूरती और विविधता के साथ हर भावना को स्वर दिया. उनकी मधुर आवाज आने वाले सालों में भी सुनने वालों को मंत्रमुग्ध करती रहेगी. दुख की इस घड़ी में उनके परिवार, अनगिनत प्रशंसकों और पूरे संगीत जगत के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं. ओम शांति.”

दक्षिण की कोकिला के रूप में प्रसिद्ध रहीं गायिका एस. जानकी अम्मा का शनिवार को कर्नाटक के मैसूर में एक निजी अस्पताल में निधन हो गया. वह 88 साल की थीं. उनकी पोती अप्सरा वैदुला ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए गायिका के निधन की जानकारी दी.

एस. जानकी अम्मा की फाइल फोटो (क्रेडिट: आईएएनएस)

एस. जानकी ने कन्नड़, तमिल, तेलुगु, मलयालम और हिंदी समेत 20 भाषाओं में 48,000 से अधिक गाने रिकॉर्ड किए जिससे वह इतिहास की सबसे अधिक गाने वाली प्लेबैक सिंगरों में से एक बन गईं. उन्होंने सबसे अधिक गाने कन्नड़ भाषा और उसके बाद मलयालम भाषा में गाए.

उन्होंने 1957 में तमिल फिल्म विधियिन विलायट्टू से प्लेबैक सिंगिंग में डेब्यू किया था. उसी साल मलयालम सिनेमा के साथ जानकी का जुड़ाव शुरू हुआ. पार्श्व गायिका के रूप में अपने पहले ही वर्ष में उन्होंने छह अलग-अलग भारतीय भाषाओं में गाने रिकॉर्ड किए जिससे भारतीय संगीत के इतिहास में सबसे शानदार करियर की शुरुआत हुई.

1970 के दशक से वह मलयालम सिनेमा की सबसे प्रमुख महिला आवाज बन गईं. उन्होंने उस दौर के लगभग सभी दिग्गज मलयालम संगीत निर्देशकों के साथ काम किया और ऐसे गाने दिए जो आज भी लोगों की पसंद बने हुए हैं.

जानकी ने 1970 में बेस्ट सिंगर के तौर पर अपना पहला केरल स्टेट फिल्म अवॉर्ड जीता. अगले लगभग 15 सालों तक इस कैटेगरी में उनका दबदबा रहा. 1957 से 2017 तक चले अपने करियर में उन्होंने चार राष्ट्रीय फिल्म अवॉर्ड और 33 राज्य फिल्म अवॉर्ड जीते.

 

 


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