बारिश के बीच बड़ा हादसा, निर्माणाधीन इमारत ढही, तीन की मौत, क्या बताया चश्मदीदों ने ?
फोटो: आईएएनएस
बारिश के बीच बड़ा हादसा, निर्माणाधीन इमारत ढही, तीन की मौत, क्या बताया चश्मदीदों ने ?
नई दिल्ली | दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-16 इलाके में एक इमारत गिरने की घटना में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है. दिल्ली फायर सर्विस (डीएफएस) ने इसकी पुष्टि की है.
दिल्ली फायर सर्विस ने अपने एक बयान में बताया कि रोहिणी सेक्टर 16 में इमारत गिरने की घटना में अब तक मलबे से चार लोगों को निकाला गया है जिनमें से तीन की मौत हो गई है.
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में लगातार बारिश के बीच बुधवार देर शाम रोहिणी जिले के केएन काटजू थाना क्षेत्र के सेक्टर-16 इलाके में एक इमारत भरभराकर गिर गई. इससे वहां अफरा-तफरी मच गई. मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई गई.
स्थानीय लोगों ने मलबे में दबे लोगों को निकालने की कोशिश की. इस दौरान, घटना की सूचना मिलने पर दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग और राहत व बचाव दल मौके पर पहुंचे. मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया.
फिलहाल इमारत गिरने के कारणों का पता नहीं चल पाया है. प्रशासन की ओर से अभी तक किसी के हताहत होने या मलबे में फंसे लोगों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
Delhi: An under-construction building collapsed in Rohini Sector-16, resulting in one worker’s death and the rescue of another person. Several labourers and the building owner are feared trapped. Rescue operations by multiple agencies using heavy equipment and emergency support… pic.twitter.com/sdwTjVUGW9
— IANS (@ians_india) July 8, 2026
एक स्थानीय व्यक्ति ने बुधवार को बताया कि मकान मालिक समेत तीन से चार मजदूर इस मलबे में दबे थे, जबकि एक राहगीर भी चपेट में आया था. उन्होंने घटना पर दुख जताया और इमारत के निर्माण में खराब सामग्री के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया.
एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि उन्हें फोन पर इमारत के गिरने की सूचना मिली थी. यह आम रास्ता है और नजदीक स्कूल भी है. उन्होंने बताया कि हादसे के समय उनका भाई यहां से गुजर रहा था जो मलबे में दब गया. उन्होंने बताया कि यह एक निर्माणाधीन इमारत थी जो लगभग बनकर तैयार हो चुकी थी.
वहीं, एक युवक ने आईएएनएस को बताया कि वह दूसरी गली में रहता है. मकान गिरने की आवाज सुनाई पड़ी थी और उसके बाद लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई थी. युवक ने बताया कि गनीमत यह है कि शुक्रवार का दिन नहीं था क्योंकि यहां शुक्रवार बाजार लगता है. इस दौरान छोटे दुकानदारों और रेहड़ी वालों की भीड़ रहती है. इस कारण सैकड़ों लोग दब सकते थे.
IANS
