किस्मत ने साथ छोड़ा, पर दूल्हे ने नहीं…., शादी वाले दिन भयानक हादसे का शिकार हुई दुल्हन, दूल्हे ने ICU में….
किस्मत ने साथ छोड़ा, पर दूल्हे ने नहीं…., शादी वाले दिन भयानक हादसे का शिकार हुई दुल्हन, दूल्हे ने ICU में….
गोरखपुर में एक अनोखी शादी का मामला सामने आया. बुधवार रात ICU में भर्ती दुल्हन से अस्पताल में शादी की. उसकी मांग में दुल्हा ने सिंदूर भरा. इस दौरान पंडित ने मंत्र पढ़े. दोनों को 7 वचन दिलाए. रस्मों के दौरान दुल्हन अस्पताल के कपड़ों में बेड पर ही लेटी रही. परिवार के लोग और हॉस्पिटल में काम करने वाले लोग भावुक हो गए. अस्पताल के डॉक्टर, नर्स और स्टाफ भी इस अनोखी शादी के साक्षी बने. इसके बाद दूल्हा, दुल्हन के गांव पहुंचा. वहां शादी की अन्य रस्में पूरी की गईं.
गोरखपुर के बांसगांव के हटवार गांव निवासी पूजा यादव की शादी महादेवा बाजार के महुआ निवासी सन्नी यादव से नवंबर 2025 में तय हुई थी. मुहूर्त 13 मई 2026 का निकला. इसी दिन पूजा का एलएलबी अंतिम सेमेस्टर का पेपर था. सुबह वह अपने भाई के साथ खलीलाबाद स्थित कॉलेज में परीक्षा देने गई थी. घर में शादी की तैयारियां चल रहीं थीं. परीक्षा खत्म होने के बाद दोपहर करीब 12 बजे दोनों बाइक से घर लौट रहे थे. रास्ते में अचानक पूजा को चक्कर आ गया और वह चलती बाइक से नीचे सड़क पर गिर पड़ी. उसके सिर में गंभीर चोट लग गई. खून बहने लगा. भाई ने फोन कर घरवालों को सूचना दी. उसके बाद वह बहन को अस्पताल लेकर पहुंचा.
गोरखपुर के दाउदपुर स्थित आर्यन हॉस्पिटल में डॉक्टर्स ने उसका चेकअप किया. सिर पर गंभीर चोट और बेहोशी की हालत की वजह से तुरंत ही ICU में शिफ्ट कर दिया. इस बीच घरवाले अस्पताल पहुंच गए. शाम को सन्नी यादव बारात लेकर दुल्हन के गांव हटवार पहुंचे. यहां द्वारपूजा और अन्य रस्में पूरी कीं. फिर रात करीब 1 बजे दूल्हा सन्नी अपने कुछ करीबी रिश्तेदारों के साथ अस्पताल पहुंचा. साथ में पंडित भी थे. यहां आईसीयू में भर्ती पूजा की मांग में सिंदूर भरा. इसके बाद दूल्हा गांव लौटा और वहां शादी की बाकी रस्में पूरी कीं.
दूल्हा के मामा सर्वेश ने बताया कि हालात ही कुछ ऐसे थे कि दुल्हन अस्पताल में भर्ती थी और शादी उसी दिन थी. घर पर सारी रस्में भी पूरा हो गई. बातचीत करने के बाद फिर हम लोगों ने अस्पताल में जाकर सिंदूर की रस्म को पूरा किया. सन्नी यादव ने बताया कि रास्ते में एग्जाम देकर आते समय रोड पर गिरने से सिर में चोट लग गई थी. जिसे अस्पताल में यहां लाकर भर्ती कराया गया. उसी दिन शादी थी. शादी की रस्म घर पर की गई. फिर हम लोगों ने सिंदूर रस्म की जो रीति रिवाज है, उसको अस्पताल में पंडित जी के साथ आकर पूरा किया और अस्पताल में मांग भरा.
सर्वेश यादव ने बताया कि एग्जाम देने गई थी LLB का. उधर से बाइक से आते समय रास्ते में चक्कर खाकर गिर गई. और आज के समय ऐसे हालात में कोई शादी नहीं करना चाहता. लेकिन मेरी बहन की उसी दिन शादी थी. दूल्हा और उनके परिवार का एहसान है कि इन परिस्थितियों में वे आकर बहन की मांग भरी. आर्यन हॉस्पिटल के डॉक्टर डीपी सिंह ने बताया कि एक मरीज पूजा जो गिर गई थी. उसको सर पर चोट लगी और सन स्ट्रोक का असर भी था. उसे अस्पताल लाया गया. हालत ठीक नहीं थी. जिस दिन घटना हुई उसी दिन शादी भी थी. शादी की वजह से परिवार ने अस्पताल प्रबंधन से इजाजत ली. उसके बाद निर्धारित तिथि और मुहूर्त में ही लोगों ने हॉस्पिटल में सिंदूर रस्म की प्रक्रिया पूरी की गई.
