संसद परिसर में साथ खड़े नजर आए राहुल गांधी और पीएम मोदी, दोनों के बीच हुई बातचीत, VIDEO

MODI N RAHUL GANDHI

वायरल वीडियो से लिया गया स्क्रीनग्रैब / (क्रेडिट : सोशल मीडिया/ एक्स)

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संसद परिसर में साथ खड़े नजर आए राहुल गांधी और पीएम मोदी, दोनों के बीच हुई बातचीत, VIDEO

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित करने के लिए संसद परिसर में प्रेरणा स्थल पहुंचे. जब नरेंद्र मोदी स्थल पर पहुंचे, तो वहां लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, लोकसभा LoP राहुल गांधी, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, राज्यसभा के पूर्व डिप्टी चेयरमैन हरिवंश और अन्य लोग ने उनका अभिवादन किया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा LoP राहुल गांधी से कुछ पल रोककर बात भी की. राहुल और पीएम मोदी की बातचीत की आई तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है और लोग इसे लोकतंत्र की सबसे खूबसूरत तस्वीर कह रहे हैं. हाल ही गुजरे संसद सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष में काफी बहस देखने मिली थी. आज सुबाह आई लोकसभा LoP और प्रधानमंत्री की इस तस्वीर ने साबित कर दिया किया मुद्दों पर विवाद आपसी सम्मान और रिश्तों के बीच नहीं आता है.

अरसों बाद प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और नेता विपक्ष श्री राहुल गांधी आपस में बातचीत करते नजर आये. यह भारतीय लोकतंत्र के लिए अच्छा संदेश है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 अप्रैल को समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले को उनकी 200वीं जयंती पर श्रद्धांजलि दी. उन्होंने उन्हें महिलाओं और पिछड़े तबकों के अधिकारों की वकालत करने वाले एक पायनियर के तौर पर पहचाना. PM मोदी ने X पर लिखा, “महात्मा ज्योतिराव फुले की जयंती पर, एक दूरदर्शी समाज सुधारक को श्रद्धांजलि, जिन्होंने अपना जीवन समानता, न्याय और शिक्षा के आदर्शों के लिए समर्पित कर दिया. वे महिलाओं और पिछड़े तबकों के अधिकारों की वकालत करने में भी एक पायनियर थे. उनकी कोशिशों से शिक्षा सशक्तिकरण का एक शक्तिशाली ज़रिया बन गई. इस साल हम उनकी 200वीं जयंती के जश्न की शुरुआत कर रहे हैं. उनके विचार समाज की तरक्की की कोशिश में सभी को रास्ता दिखाते रहें.”

महात्मा ज्योतिराव फुले महाराष्ट्र के महान समाज सुधारक, विचारक और क्रांतिकारी थे. वे शूद्रों और महिलाओं के मुक्ति के अग्रदूत माने जाते हैं. उन्होंने 1848 में भारत का पहला लड़कियों का स्कूल खोला. जाति-व्यवस्था का कड़ा विरोध किया और सत्यशोधक समाज की स्थापना की. इन्हें महात्मा की उपाधि महात्मा गांधी ने दी थी.


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