IPL के आगामी सीजन के लिए BCCI ने जारी की नई गाइडलाइंस, फैमिली और फ्रेंड्स के लिए भी सख्ती, न मानने पर…….
IPL के आगामी सीजन के लिए BCCI ने जारी की नई गाइडलाइंस, फैमिली और फ्रेंड्स के लिए भी सख्ती, न मानने पर…….
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के आगामी सीजन को अधिक पेशेवर और व्यवस्थित बनाने के लिए बीसीसीआई (BCCI) ने कई कड़े बदलाव किए हैं. नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब मैच वाले दिन किसी भी टीम को मैदान पर अभ्यास करने की अनुमति नहीं होगी. बोर्ड का मानना है कि इस फैसले से न केवल मैच के दिन पिच और आउटफील्ड को बेहतर स्थिति में रखा जा सकेगा, बल्कि खिलाड़ियों पर मैच से ठीक पहले पड़ने वाले अतिरिक्त मानसिक और शारीरिक दबाव को भी कम किया जा सकेगा.
अगर मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में दो टीमें प्रैक्टिस करना चाहती है तो उन्हें अलग-अलग (प्रैक्टिस) विकेट आवंटित किए जाएंगे और कोई भी टीम प्रतिद्वंद्वी टीम के लिए निर्धारित विकेट का उपयोग (प्रैक्टिस के लिए) नहीं कर पाएगी. नए नियमों के तहत यदि कोई टीम अपना अभ्यास सत्र समय से पहले समाप्त कर लेती है, तब भी दूसरी टीम को उस खाली स्लॉट या विकेट के इस्तेमाल की इजाजत नहीं होगी.
खिलाड़ियों के अनुशासन और सुरक्षा को लेकर भी बोर्ड ने सख्त रुख अपनाया है. अब खिलाड़ियों को टीम बस से ही स्टेडियम पहुंचना अनिवार्य होगा; परिवार या मित्रों को स्टेडियम लाने के लिए अलग वाहन का उपयोग करना होगा. साथ ही, ड्रेसिंग रूम और डगआउट में केवल अधिकृत स्टाफ को ही प्रवेश मिलेगा. मैच वाले दिन किसी भी प्रकार के फिटनेस टेस्ट पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई है, ताकि खिलाड़ी पूरी तरह से खेल पर ध्यान केंद्रित कर सकें.
मैच के दौरान ब्रॉडकास्टिंग और प्रायोजकों के हितों का ध्यान रखते हुए बीसीसीआई ने ड्रेस कोड और कैप से जुड़े नियम भी कड़े किए हैं. अब मैदान पर ऑरेंज और पर्पल कैप धारकों के लिए अपनी कैप पहनना अनिवार्य होगा. खिलाड़ियों के लिए नारंगी और बैंगनी कैप पहनना अनिवार्य होगा. यदि वे पूरे मैच में ऐसा नहीं कर पाते हैं, तो कम से कम शुरुआती दो ओवरों तक कैप पहनना जरूरी होगा, ताकि प्रसारण के दौरान उनकी पहचान स्थापित हो सके.
मैच के बाद होने वाली प्रेजेंटेशन सेरेमनी में निर्धारित ड्रेस कोड का पालन न करने पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है. प्रेजेंटेशन सेरेमनी के दौरान स्लीवलेस जर्सी और चप्पल पहनने पर प्रतिबंध रहेगा. पहली बार उल्लंघन पर चेतावनी दी जाएगी, जबकि दूसरी बार वित्तीय जुर्माना लगाया जाएगा.
इन बदलावों से स्पष्ट है कि बीसीसीआई इस बार आईपीएल को वैश्विक स्तर के अन्य बड़े खेल आयोजनों की तरह पूरी तरह औपचारिक और अनुशासित रूप देना चाहता है.
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