ईरान से जंग के बीच इजरायली सेना ने इस देश में खोदी 40 साल पुरानी कब्र, क्या है पूरा मामला ?

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(AI Photo - ChatGPT)

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ईरान से जंग के बीच इजरायली सेना ने इस देश में खोदी 40 साल पुरानी कब्र, क्या है पूरा मामला ?

 

नई दिल्ली | ईरान के साथ चल रही लड़ाई के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बताया कि उनके सैनिक शुक्रवार की रात को एक विशेष अभियान पर रवाना हुए. यह अभियान 40 साल पहले लापता हुए एक सैनिक की खोज से जुड़ा हुआ है.

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि हमारे वीर योद्धा कल रात एक विशेष अभियान पर रवाना हुए जिसका उद्देश्य लगभग 40 वर्ष पूर्व लेबनान में बंदी बनाए गए जवान रॉन अराद को ढूंढना और उन्हें घर वापस लाना है.

उन्होंने कहा कि कई वर्षों से हम इस लक्ष्य को अथक रूप से प्राप्त करने का प्रयास कर रहे हैं.

जानकारी के अनुसार, इजरायल की सेना की तरफ से यह ऑपरेशन लेबनान में चलाया गया. दावा किया गया कि इजरायली सेना द्वारा नाबी चित कस्बे के एक कब्रिस्तान में खुदाई की गई. पूर्वी लेबनान में इजरायल द्वारा रात भर चलाए गए इस ऑपरेशन का उद्देश्य इजरायली वायु सेना के लापता रॉन अराद के शव को बरामद करना था.

रॉन अराद 1986 में एक मिशन के दौरान लेबनान के ऊपर से उड़ान भर रहे थे. विमान के क्रैश होने के बाद वह लापता हो गए थे. इजरायली सेना ने पूर्वी लेबनान में एक कब्रिस्तान में इसी सैनिक के अवशेष तलाशने के लिए खुदाई की. हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि क्या इजरायल के सैनिक इसमें कामयाब हुए हैं.

आईडीएफ (इजरायली सेना) का कहना है कि वह शहीद और लापता सैनिकों को इजरायल वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध है और दिन-रात अथक प्रयास करती रहेगी. साथ में यह भी बताया कि आईडीएफ द्वारा चलाए गए इस ऑपरेशन में इजरायली सेना को कोई नुकसान नहीं हुआ. साथ में यह भी दावा किया गया कि इस ऑपरेशन के दौरान कोई गोलीबारी नहीं की गई.

हालांकि, लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इजरायली हमलों में 16 लोग मारे गए और 35 अन्य घायल हो गए.

IANS

 

40 साल से लापता सैनिक की खोज के लिए इजरायली सेना ने चलाया विशेष ऑपरेशन: प्रधानमंत्री नेतन्याहू

 


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