अनोखी शादी : बारात लेकर पहुंची दुल्हन, फूट-फूटकर रोया दूल्हा, कहां और क्यों हुआ ऐसा ?
सांकेतिक तस्वीर (AI Photo - ChatGPT)
अनोखी शादी : बारात लेकर पहुंची दुल्हन, फूट-फूटकर रोया दूल्हा, कहां और क्यों हुआ ऐसा ?
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले का सुलपगा गांव एक ऐसी ऐतिहासिक शादी का गवाह बना है. इस शादी ने पितृसत्तात्मक सोच को बदलकर रख दिया है. यहां देवमुनि एक्का और बिलासुस बरवा का विवाह स्थानीय परंपरा के अनुसार संपन्न हुआ जिसमें ‘कन्यादान’ के बजाय ‘वरदान’ की रस्म निभाई गई. इस रस्म के तहत दूल्हे के माता-पिता ने अपने बेटे का हाथ दुल्हन को सौंपा.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस विवाह की सबसे अनोखी बात यह रही कि दुल्हन पक्ष बारात लेकर दूल्हे के घर पहुंचा. विदाई का समय तब भावुक हो गया जब दूल्हा बिलासुस अपनी दहलीज छोड़ते समय फूट-फूटकर रोने लगा. वह अब अपने ससुराल में रहकर ही ‘बेटे’ का फर्ज निभाएगा.
दुल्हन के पिता मोहन एक्का, जिनकी चार बेटियां हैं, चाहते थे कि उन्हें दामाद के बजाय एक बेटा मिले जो बुढ़ापे और खेती-किसानी में उनका सहारा बन सके. दूल्हे के परिवार ने भी इस पर सहमति जताई. पूरी तरह दहेज मुक्त और सादगीपूर्ण रही यह शादी समाज के लिए एक बड़ा संदेश है कि बेटियां भी वंश को आगे बढ़ाने और माता-पिता की सेवा करने में सक्षम हैं. ग्रामीणों के अनुसार, यह विवाह उन परिवारों के लिए प्रेरणा है जो बेटा न होने पर खुद को असहाय महसूस करते हैं.
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