US-ISRAEL Vs IRAN: युद्ध में अमेरिका को भी होने लगा नुकसान, हुए इतने सैनिक शहीद
फोटो: आईएएनएस
US-ISRAEL Vs IRAN: युद्ध में अमेरिका को भी होने लगा नुकसान, हुए इतने सैनिक शहीद
वॉशिंगटन | यूएस सेंट्रल कमांड ने बयान जारी कर बताया है कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सेना के बड़े कॉम्बैट ऑपरेशन में छह अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं.
यूएस सेंट्रल कमांड ने बताया कि 2 मार्च को ईरान से हुए संघर्ष में छह अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई है. अमेरिकी फोर्स ने हाल ही में दो सैनिकों के शव बरामद किए जिनके बारे में पहले पता नहीं था.
कमांड ने बताया कि बड़े कॉम्बैट ऑपरेशन जारी हैं. शहीद सैनिकों की पहचान उनके रिश्तेदारों को बताने के 24 घंटे बाद तक गोपनीय रखी जा रही है.
यूएस सेंट्रल कमांड द्वारा जारी फैक्ट शीट में कहा गया है कि ईरान के खिलाफ मिलिट्री ऑपरेशन राष्ट्रपति के निर्देश पर 28 फरवरी को सुबह 1:15 बजे शुरू हुआ.
डॉक्यूमेंट (फैक्ट शीट) में कहा गया है कि अमेरिकी फोर्स ईरान के सिक्योरिटी सिस्टम को खत्म करने के लिए टारगेट पर हमला कर रही है और उन जगहों को प्राथमिकता में रखा है जो तुरंत खतरा पैदा करती हैं. पहले 48 घंटों में 1250 से ज्यादा टारगेट पर हमला किया गया.
तैनात किए गए युद्ध हथियारों में बी-1 और बी-2 बॉम्बर, एफ-15, एफ-16, एफ-18, एफ-22 और एफ-35 फाइटर जेट, ए-10 अटैक एयरक्राफ्ट, पैट्रियट और थाड मिसाइल सिस्टम, न्यूक्लियर-पावर्ड एयरक्राफ्ट कैरियर, गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर और एमक्यू-9 रीपर शामिल हैं.
टारगेट (ईरान पर जिन जगहों पर हमला किया जा रहा है) पर “कमांड एंड कंट्रोल सेंटर,” “आईआरजीसी जॉइंट हेडक्वार्टर,” “आईआरजीसी एयरोस्पेस फोर्सेज हेडक्वार्टर,” “इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस सिस्टम,” “बैलिस्टिक मिसाइल साइट्स,” “ईरानी नेवी शिप्स,” और “ईरानी नेवी सबमरीन” शामिल हैं.
कमांड ने बताया कि एफ/ए-18 के कई स्क्वाड्रन ईरान के खिलाफ लगातार ऑपरेशन में मदद कर रहे हैं. अमेरिकी एयरफोर्स के विमान जबरदस्त फायर पावर देने के लिए दिन-रात उड़ान भर रहे हैं.
अमेरिका ने कहा कि ईरान की अब ओमान की खाड़ी में कोई नेवल प्रेजेंस (नेवी की मौजूदगी) नहीं है. दो दिन पहले ओमान की खाड़ी में ईरान के 11 जहाज थे लेकिन आज उनके पास कोई जहाज नहीं है (सभी जहाज नष्ट करने का अमेरिकी दावा).
अमेरिका ने आगे कहा कि ईरान ने दशकों से ओमान की खाड़ी में इंटरनेशनल शिपिंग को परेशान किया और उन पर हमला किया. पर अब ऐसे दिन लौट कर नहीं आएंगे. समुद्री नेविगेशन की आजादी ने 80 साल बाद अमेरिकी और ग्लोबल अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है. अमेरिकी सेना इसकी रक्षा करती रहेगी.
ओमान की खाड़ी अरब सागर को होर्मुज जलडमरू मध्य से जोड़ती है. दुनियाभर में तेल शिपमेंट का एक बड़ा हिस्सा इसी इलाके से होकर गुज़रता है. कोई भी रुकावट ग्लोबल एनर्जी मार्केट पर असर डालती है जिसमें भारत जैसे बड़े आयातक भी शामिल हैं.
