ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका को दी बिना समझौते जवाब की चेतावनी
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका को दी बिना समझौते जवाब की चेतावनी
वॉशिंगटन | ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका के हवाई हमलों की कड़ी निंदा की है. इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत हो गई है. उन्होंने इन हमलों को गैरकानूनी बताते हुए कहा कि तेहरान बिना किसी समझौते के इसका जवाब देगा. स्थानीय मीडिया एबीसी न्यूज से बात करते हुए अराघची ने वॉशिंगटन की सफाई को सिरे से खारिज कर दिया.
उन्होंने कहा, “संयुक्त राज्य अमेरिका जो कर रहा है वह आक्रामकता का कृत्य है. हम जो कर रहे हैं वह आत्मरक्षा का कृत्य है.”
यह बयान ईरान की कूटनीतिक और कानूनी स्थिति को स्पष्ट करता है. इसमें अमेरिका को आक्रांता बताया गया है और तेहरान की प्रतिक्रिया को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत वैध ठहराया गया है. अराघची ने अपने बयान में तनाव कम करने का कोई संकेत नहीं दिया.
उन्होंने कहा, “हम अपनी रक्षा कर रहे हैं, चाहे जो भी करना पड़े.”
यह भाषा खुली और व्यापक प्रतिशोध की चेतावनी देती है. अराघची ने न तो कोई समय-सीमा बताई, न ही संभावित लक्ष्यों (कि आगे क्या होगा) का जिक्र किया और न ही बातचीत के लिए तत्परता का संकेत दिया.
उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब अमेरिकी अधिकारी ईरान की मिसाइल अवसंरचना को कमजोर करने के उद्देश्य से सैन्य अभियान जारी है. हालांकि, अराघची ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को हुए नुकसान को स्वीकार नहीं किया और न ही खामेनेई की मौत के बाद राजनीतिक व्यवस्था में अस्थिरता का कोई संकेत दिया.
इस बीच, अमेरिकी सांसदों ने संकेत दिया कि सैन्य अभियान जारी रहेगा.
सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी के चेयरमैन टॉम कॉटन ने कहा कि आने वाले दिनों में “ईरान की मिसाइलों, उसके मिसाइल लॉन्चरों और अंततः उसकी मिसाइल निर्माण क्षमता को व्यवस्थित और चरणबद्ध तरीके से निशाना बनाया जाएगा.”
उन्होंने चेतावनी दी, “इसमें कोई संदेह नहीं है कि ईरान मिडिल ईस्ट में हमारे ठिकानों, हमारे अरब सहयोगियों और इजरायल को निशाना बनाना जारी रखेगा.”
कई अमेरिकी नेताओं ने ईरान पर हमले के खुफिया आधार पर ही सवाल उठा दिया है. सीनेटर मार्क वार्नर ने कहा, “संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए कोई तात्कालिक खतरा नहीं था. (ईरान के) सर्वोच्च नेता के मारे जाने के बाद आगे क्या होगा, इस बारे में हमें बहुत कम जानकारी है.”
सीनेटर एडम शिफ ने भी (अमेरिकी) कार्रवाई के पैमाने की आलोचना करते हुए कहा, “इस व्यापक सैन्य अभियान के लिए, जिसका उद्देश्य शासन परिवर्तन था, का कोई आधार नहीं था.”
अपने सर्वोच्च नेता की मौत के साथ ही ईरान अब बदलाव की ओर बढ़ रहा है. (ईरान) उसके संविधान के अनुसार, नए नेता के चयन की जिम्मेदारी असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स पर होती है, हालांकि देश की सत्ता संरचना में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का प्रभाव काफी महत्वपूर्ण माना जाता है.
IANS/Hindi Post Dot In
