राष्ट्रपति ट्रंप को बड़ा झटका, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ को बताया अवैध
फोटो क्रेडिट: आईएएनएस
राष्ट्रपति ट्रंप को बड़ा झटका, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ को बताया अवैध
अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए व्यापक वैश्विक टैरिफ को रद कर दिया। कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा कि ट्रंप ने आपातकालीन कानून का गलत इस्तेमाल किया और अपने अधिकारों से आगे बढ़कर टैरिफ लगाए।
यह मामला उन कंपनियों और 12 अमेरिकी राज्यों द्वारा दायर किया गया था, जो इन टैरिफ से प्रभावित हुए थे। निचली अदालतों ने पहले ही ट्रंप के फैसले को गैरकानूनी बताया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा।
अमेरिकी संविधान के अनुसार टैक्स और टैरिफ लगाने का अधिकार कांग्रेस के पास है, न कि राष्ट्रपति के पास। लेकिन ट्रंप ने कांग्रेस की मंजूरी के बिना एक विशेष कानून का सहारा लेकर ये टैरिफ लागू किए थे।
किस कानून के तहत लगाए गए थे टैरिफ?
ट्रंप ने 1977 में बने एक कानून इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) का इस्तेमाल किया था। यह कानून राष्ट्रीय आपातकाल की स्थिति में व्यापार को नियंत्रित करने की अनुमति देता है। हालांकि, इस कानून में ‘टैरिफ’ शब्द का सीधे उल्लेख नहीं है।
