खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश का मामला: भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता ने कोर्ट में गुनाह काबुल किया
गुरपतवंत पन्नू (फाइल फोटो वाया आईएएनएस)
खालिस्तानी आतंकी पन्नू की हत्या की साजिश का मामला:भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता ने कोर्ट में गुनाह काबुल किया
वॉशिंगटन | साल 2023 में न्यूयॉर्क में एक सिख अलगाववादी नेता की हत्या कराने के लिए निखिल गुप्ता 15,000 डॉलर देने के लिए राजी हो गए थे. मैनहैटन की एक संघीय अदालत में पेश होकर उन्होंने यह बात खुद स्वीकार की. इस मामले में अमेरिका की संघीय जेल में अधिकतम 40 साल तक की सजा का प्रावधान है.
54 वर्षीय भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता ने न्यूयॉर्क के साउदर्न डिस्ट्रिक्ट में अमेरिकी मजिस्ट्रेट जज सारा नेटबर्न के सामने तीन आरोपों को स्वीकार किया. ये आरोप थे- भाड़े पर हत्या की साजिश, भाड़े पर हत्या और मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश.
अदालत में शपथ के तहत गुप्ता ने कहा, “2023 के वसंत में, मैं किसी दूसरे व्यक्ति के साथ यूनाइटेड स्टेट्स में एक व्यक्ति की हत्या करवाने के लिए राजी हुआ था.” गुप्ता ने यह भी माना कि उन्होंने 15,000 डॉलर नकद एक व्यक्ति को दिए थे जो अमेरिका में मौजूद था. पूछताछ के दौरान गुप्ता ने माना कि उन्हें पता था कि जिस व्यक्ति को निशाना बनाया जाना था, वह न्यूयॉर्क के क्वींस इलाके में रहता है.
बता दे कि कोर्ट इस मामले में निखिल गुप्ता को 29 मई 2026 को सजा सुनाएगी.
फेडरल कानून के तहत, गुप्ता को भाड़े पर हत्या करने और भाड़े पर हत्या करने की साजिश के लिए ज्यादा से ज्यादा 10 साल की सजा हो सकती है और मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश के लिए 20 साल तक की सजा हो सकती है- कुल मिलाकर ज्यादा से ज्यादा 40 साल की सजा. हालांकि, हर मामले में अधिकतम सजा ही दी जाए, यह जरूरी नहीं है. अदालत सजा तय करते समय अमेरिकी सेंटेंसिंग गाइडलाइंस का पालन करती है और अन्य कानूनी पहलुओं को भी देखती है. दोष स्वीकार करने के कारण गुप्ता को कुछ राहत भी मिल सकती है.
सजा तय करते समय अपराध की गंभीरता, भविष्य में ऐसे अपराध रोकने की जरूरत, जनता की सुरक्षा और अन्य कानूनी पहलुओं पर भी विचार किया जाएगा. अभियोजन पक्ष ने कहा कि अगर मामला ट्रायल तक जाता तो वह एक गुप्त सूत्र, एक अंडरकवर अधिकारी (जो खुद को सुपारी किलर बता रहा था), व्हाट्सऐप मैसेज और कॉल रिकॉर्डिंग, मोबाइल फोन के सबूत और न्यूयॉर्क में 15,000 डॉलर दिए जाने का वीडियो अदालत में पेश करते.
चार्जशीट में कहा गया था कि गुप्ता ने अन्य लोगों के साथ मिलकर, जिनमें भारत के कैबिनेट सचिवालय के एक कर्मचारी का नाम भी शामिल था, न्यूयॉर्क में रह रहे एक सिख राजनीतिक कार्यकर्ता की हत्या की योजना बनाई थी. यह कार्यकर्ता खालिस्तान की मांग का समर्थन करता है.
गुप्ता ने अदालत में यह भी स्वीकार किया कि वह भारत के नागरिक हैं और उनका दोष स्वीकार करना संभवतः उन्हें अमेरिका से निष्कासित किए जाने का कारण बनेगा. अमेरिकी आव्रजन कानून के तहत ऐसे मामलों में देश से हटाना लगभग अनिवार्य होता है.
दोष स्वीकार करके गुप्ता ने एक लंबे और डिप्लोमैटिक रूप से सेंसिटिव ट्रायल से बचाव कर लिया जिसमें अमेरिकी जमीन पर विदेशी साजिश के आरोपों की सुनवाई होती. अब अदालत को यह तय करना है कि उन्हें कितने समय के लिए जेल भेजा जाएगा. इसका फैसला 29 मई 2026 को सुनाया जाएगा.
IANS
