कश्मीर–दिल्ली आतंकी हमलों से जोड़ा नाम, डर से कांप उठी बुजुर्ग महिला और पहुंच गई अपने बैंक, फिर जो हुआ वो ….

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सांकेतिक तस्वीर (आईएएनएस)

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महिला को चार दिन तक किया डिजिटल अरेस्ट फिर पैसे निकालने बैंक पहुंच गई महिला, आगे जो हुआ चौंका देगा

 

लखनऊ के विकासनगर इलाके में एक चौंकाने वाला साइबर ठगी का मामला सामने आया है, जहां साइबर जालसाजों ने एक 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर करीब डेढ़ करोड़ रुपये ठगने की कोशिश की. हालांकि, बैंक कर्मियों की सतर्कता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से महिला की जीवन भर की कमाई सुरक्षित बचा ली गई.

जानकारी के मुताबिक, बुजुर्ग महिला अपने घर के पास स्थित मामा चौराहा पर मौजूद पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के ब्रांच में अपनी 13 एफडी को तुड़वाने पहुंची थीं. इन एफडी से उन्हें करीब 2 करोड़ रुपये मिलने थे. इतनी बड़ी रकम देखकर बैंक कर्मचारियों को शक हुआ और उन्होंने तुरंत मामले की सूचना पुलिस को दी.

पुलिस जांच में सामने आया कि बीते 5 दिनों से साइबर जालसाज महिला को लगातार फोन और व्हाट्सऐप वीडियो कॉल के जरिए धमका रहे थे. जालसाज खुद को CBI पुणे का अधिकारी बताकर कह रहे थे कि महिला और उनके दिवंगत पति के नाम का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी फंडिंग में हुआ है. इतना ही नहीं, उन्हें कश्मीर और दिल्ली में हुई आतंकी घटनाओं से जोड़ने की धमकी भी दी गई.

डर के माहौल में जालसाजों ने महिला का ब्रेनवॉश कर आधार कार्ड और बैंक से जुड़ी जानकारी हासिल कर ली. साथ ही उन्हें सख्त हिदायत दी गई कि वह किसी को कुछ न बताएं, घर से बाहर न निकलें और सारी जमा पूंजी एक खाते में जमा कर दें, ताकि बाद में RTGS के जरिए पैसा ट्रांसफर कराया जा सके.

घबराई महिला ने जालसाजों के कहने पर एफडी तुड़वाने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी. इसी दौरान बैंक कर्मियों को संदेह हुआ और उन्होंने पुलिस से संपर्क किया. विकासनगर थाना पुलिस ने तुरंत बैंक से समन्वय कर महिला को साइबर ठगी की जानकारी दी और उनकी 1.21 करोड़ रुपये की एफडी का भुगतान रुकवाया.

पुलिस ने महिला के अन्य बैंक खातों की भी जानकारी जुटाई और ग्रामीण बैंक, ICICI बैंक समेत अन्य बैंकों से संपर्क कर सभी खातों को फ्रीज करा दिया. इस तरह करीब 1.5 करोड़ रुपये की बड़ी साइबर ठगी को समय रहते रोक लिया गया.

 


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