पकड़ा गया पाकिस्तान से भेजा गया हथियारों का जखीरा, इन देशों में बनते हैं ये आधुनिक वेपन
फोटो क्रेडिट : आईएएनएस
पकड़ा गया पाकिस्तान से भेजा गया हथियारों का जखीरा, इन देशों में बनते हैं ये आधुनिक वेपन
नई दिल्ली | दिल्ली क्राइम ब्रांच को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े एक अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
यह गिरोह पाकिस्तान के रास्ते तुर्की और चीन में बने हाई एंड पिस्टल भारत में सप्लाई कर रहा था. इन हथियारों का इस्तेमाल देश में सक्रिय गैंगस्टरों और अपराधी नेटवर्क द्वारा किया जा रहा था.
पुलिस की मानें तो जांच में खुलासा हुआ कि यह नेटवर्क पाकिस्तान से बड़े पैमाने पर आधुनिक हथियार भारत भेज रहा था. ये हथियार पहले पाकिस्तान में पहुंचाए जाते फिर वहां से ड्रोन के जरिए पंजाब में ड्रॉप किए जाते थे. इसके बाद दिल्ली और आसपास के राज्यों में इन हथियारों की सप्लाई की जाती थी जहां इन्हें अपराधियों और गैंगस्टरों तक पहुंचाया जाता था.
Delhi: The Crime Branch has busted a major international arms trafficking network linked to Pakistan’s ISI. The gang was supplying high-end Turkey- and China-made pistols into India through Pakistan, using drones to drop weapons in Punjab. Four key members have been arrested, and… pic.twitter.com/QoCg1sa1Zb
— IANS (@ians_india) November 22, 2025
गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से 10 विदेशी महंगी पिस्टल और 92 जिंदा कारतूस बरामद किए गए है. शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों में से दो आरोपी पंजाब के रहने वाले हैं और पंजाब में तस्करी नेटवर्क से जुड़े लॉजिस्टिक सपोर्ट का काम देखते थे.
अधिकारियों का कहना है कि यह पूरा नेटवर्क, पाकिस्तान की आईएसआई के निर्देश और संरक्षण में काम कर रहा था. साथ ही, भारत की सीमा में अवैध हथियारों की तस्करी एक योजनाबद्ध रणनीति के तहत की जा रही थी. पुलिस की मानें तो यह नेटवर्क काफी समय से सक्रिय था और हथियारों की मांग बढ़ने के कारण गैंगस्टरों और अपराधियों को यह सप्लाई लगातार जारी थी.
क्राइम ब्रांच यह पता लगाने में जुटी हैं कि अब तक इस गिरोह ने भारत में कितने हथियार सप्लाई किए हैं और वे किन-किन आपराधिक गिरोहों या व्यक्तियों तक पहुंचे. इसके लिए पुलिस मोबाइल फोन रिकॉर्ड, बैंक लेनदेन, डिजिटल पेमेंट, सोशल मीडिया संपर्क और सीमाई इलाकों के नेटवर्क की गहन जांच कर रही है. इसके अलावा गिरोह के अन्य सदस्यों और अंतरराष्ट्रीय लिंक की पहचान के लिए भी पूछताछ जारी है.
