“खाने के लिए अजनबियों के भरोसे हूं…, मरने को तैयार हूं…”, युवराज सिंह के पिता योगराज का छलका दर्द
युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह की फाइल फोटो / (फोटो क्रेडिट : सोशल मीडिया)
“खाने के लिए अजनबियों के भरोसे हूं… मरने को तैयार हूं…” युवराज सिंह के पिता योगराज का छलका दर्द
पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह ने अपने जीवन की सबसे भावुक और दर्दभरी बातों को साझा किया है. उनका कहना है कि “मैं मरने के लिए तैयार हूं…”, मेरी जिंदगी में अब कुछ बचा नहीं है.”
62 वर्षीय योगराज सिंह ने बताया कि उन्हें जीवन में सबसे बड़ा झटका तब लगा जब उनकी पहली पत्नी शबनम और बेटा युवराज उन्हें छोड़कर चले गए.
ये बातें उन्होंने Vintage Studio को दिए इंटरव्यू के दौरान कही.
योगराज ने कहा, “जब यूवी और उसकी मां मुझे छोड़कर चले गए तो मुझे जीवन का सबसे बड़ा सदमा लगा. जिस औरत के लिए मैंने अपना पूरा जीवन, पूरी जवानी कुर्बान कर दी… वो भी मुझे छोड़कर चली जाएगी, कभी सोचा नहीं था. मैं भगवान से पूछता था कि ये सब मेरे साथ ही क्यों हो रहा है? मैंने किसी का बुरा नहीं किया.”
योगराज ने आगे बताया कि उन्होंने बाद में दूसरी शादी की लेकिन जीवन का वो अध्याय भी उन्हें फिर से अकेलापन ही दे गया. किस्मत उन्हें घुमाकर उसी मोड़ पर ले आई जहां से वह कभी बड़ी मुश्किल से बाहर निकले थे.
योगराज ने कहा, “शायद यही मेरी किस्मत में लिखा था. क्रिकेट आया, चला गया… यूवी को क्रिकेट खिलाया, वो खेला और आगे बढ़ गया. दूसरी शादी हुई, दो बच्चे हुए—वो भी अमेरिका चले गए. कुछ फिल्में कीं, समय बीता… और मैं फिर वहीं आ गया जहां से चला था. खुद से पूछता हूं — “ये सब किसके लिए किया? आज मेरे पास कौन है?”
जब उनसे पूछा गया कि वह शामें कैसे बिताते हैं, तो उन्होंने बताया, “मैं शाम को बिल्कुल अकेला बैठता हूं. घर में कोई नहीं है. कभी कोई अजनबी खाना दे जाता है, कभी कोई और. मैंने कामवाली और कुक रखे थे, वो भी चले गए.”
अपनी बात खत्म करते हुए योगराज ने कहा, “मैं अपने परिवार से प्यार करता हूं—मां से, बच्चों से, बहू से, पोते-पोतियों से… लेकिन मैं किसी से कुछ नहीं मांगता. मेरी जिंदगी पूरी हो चुकी है. भगवान जब चाहे, मुझे अपने पास बुला ले. मैं बस उसका शुक्रगुजार हूं.”
हिंदी पोस्ट वेब डेस्क
