सदन में ऐसा क्या बोल गए भाजपा अध्यक्ष नड्डा कि कांग्रेस अध्यक्ष खरगे से मांगनी पड़ी माफी, कार्यवाही से हटाया गया शब्द
मल्लिकार्जुन खरगे पर एक अपमानजनक टिप्पणी के चलते हुए हंगामे के बाद जेपी नड्डा ने भरी सभा में माफी मांगी / (फोटो क्रेडिट :आईएएनएस)
नई दिल्ली | राज्यसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा चल रही है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राज्यसभा नेता मल्लिकार्जुन खड़गे पर निशाना साधा. इसे लेकर संसद में विपक्ष ने जमकर हंगामा किया.
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान कहा कि वह (राज्यसभा नेता मल्लिकार्जुन खड़गे) बहुत वरिष्ठ नेता हैं, लेकिन जिस तरह से उन्होंने प्रधानमंत्री पर टिप्पणी की, मैं उनका दर्द समझ सकता हूं. वह (प्रधानमंत्री मोदी) 11 साल से वहां हैं. वह दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता हैं. पार्टी को गर्व भी है और गौरव भी. पार्टी के साथ देश के लिए भी गौरव का विषय है.
#WATCH | Discussion on Operation Sindoor | Leader of House in Rajya Sabha JP Nadda says, “He (RS LoP Mallikarjun Kharge) is a very senior leader but the way in which he had commented on the PM…I can understand his pain. He (PM Modi) has been there since 11 years now. He happens… pic.twitter.com/xqS4qLOOTt
— ANI (@ANI) July 29, 2025
उन्होंने खड़गे पर तंज कसते हुए कहा कि आप अपनी पार्टी से इतने जुड़ गए हैं कि आपके लिए देश का विषय गौण हो जाता है. इसलिए आप अपनी तकलीफ में मेंटल बैलेंस खोकर…. इतना ही कहना था कि विपक्ष ने जोरदार हंगामा कर दिया. फिर जेपी नड्डा ने कहा कि मैं अपने शब्द वापस लेता हूं. उन्होंने कहा कि मानसिक असंतुलन नहीं, भावावेश कर दीजिए. उन्हें एक्सपंज करने की कृपा करें, यही मैं कहूंगा. इसके बाद उपसभापति ने उस शब्द को एक्सपंज कर दिया.
मल्लिकार्जुन खड़गे ने जेपी नड्डा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस सदन में कुछ नेता हैं, जिनका मैं बहुत सम्मान करता हूं. नड्डा उनमें से एक हैं. राजनाथ सिंह, वह ऐसे मंत्री हैं, जो अपना बैलेंस खोए बिना बोलते हैं. वह आज मुझे बोल रहे हैं. यह शर्म की बात है. उन्हें माफी मांगनी चाहिए, मैं इसे ऐसे ही नहीं छोड़ने वाला हूं.
इसके बाद जेपी नड्डा ने कहा कि अगर आपकी भावनाओं को ठेस पहुंची है तो मैं इसके लिए आपसे माफी भी मांगता हूं लेकिन आप भी भावावेश में इतने बह गए कि प्रधानमंत्री की गरिमा का भी आपको ध्यान नहीं रहा.
