“दीदी…. हमें अपनी लाल आंखें मत दिखाइए?”… हिमंत बिस्वा सरमा ने ममता बनर्जी को दिया जवाब

Mamata Banerjee and Himanta Biswa Sarma (1) (1)

Photo: IANS

The Hindi Post

गुवाहाटी | असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के उस बयान को लेकर उन पर तीखा हमला किया जिसमें उन्होंने भाजपा पर तृणमूल कांग्रेस शासित राज्य में हिंसा की साजिश रचने का आरोप लगाया था.

बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भाजपा नेताओं द्वारा पश्चिम बंगाल में हिंसा कराने का आरोप लगाते हुए कहा, “अगर भाजपा बंगाल को जलाएगी, तो असम, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा और दिल्ली जैसे अन्य राज्य भी जलेंगे.”

असम के मुख्यमंत्री ने बनर्जी के बयान की कड़ी आलोचना की और अपने X हैंडल पर लिखा: “दीदी, असम को धमकाने की आपकी हिम्मत कैसे हुई? हमें अपनी लाल आंखें मत दिखाइए. अपनी विभाजनकारी राजनीति से भारत में आग लगाने की कोशिश मत कीजिए. ऐसी भाषा आपके जैसी नेता को शोभा नहीं देती.”

कैबिनेट मंत्री और सरमा के करीबी सहयोगी पीयूष हजारिका ने भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री की आलोचना की. हजारिका ने पोस्ट किया, “वह हमें डरा या धमका नहीं सकतीं. मैं उनकी टिप्पणी की कड़ी निंदा करता हूं. वह अपने राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संघर्ष करती हैं और अब असम को धमका रही हैं. मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि ऐसी तरकीबें यहां काम नहीं आएंगी.”

ममता बनर्जी ने यह टिप्पणी टीएमसी की छात्र शाखा के स्थापना दिवस समारोह में की. उन्होंने हाल ही में बंद (हड़ताल) और राज्य सचिवालय तक ‘नबन्ना अभिजन’ विरोध मार्च के दौरान भड़की हिंसा के लिए भाजपा की आलोचना की.

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राज्य सरकार द्वारा संचालित कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या के बाद तृणमूल सरकार को चौतरफा आलोचना का सामना करना पड़ रहा है.

अपने भाषण के दौरान, बनर्जी ने एक विवादास्पद तुलना करते हुए कहा, “कुछ लोगों को लगता है कि यह आंदोलन बांग्लादेश में विरोध-प्रदर्शनों के समान है.”

वह बांग्लादेश में छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों का जिक्र कर रही थीं, जिसने शेख हसीना सरकार को गिरा दिया था.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं बांग्लादेश को इसलिए पसंद करती हूं क्योंकि उनकी भाषा और संस्कृति हमारी तरह ही है. हालांकि, बांग्लादेश एक अलग राष्ट्र है.”

 


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