“जहन्नुम में जाए जम्मू-कश्मीर…”, ऐसा क्यों बोले फारूक अब्दुल्ला

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फार्रुख अब्दुल्लाह (फोटो क्रेडिट: आईएएनएस)

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जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि कश्मीर जहन्नुम में जाए, कैसे जीतोगे लोगों के दिल.

दरअसल, अब्‍दुल्‍ला मंगलवार को संसद की कार्यवाही में हिस्‍सा लेकर बाहर निकल रहे थे. तभी उनसे एक पत्रकार ने जम्‍मू-कश्‍मीर का जिक्र कर सवाल पूछ लिया. जम्‍मू-कश्‍मीर का जिक्र आते ही वह तमतमा गए. उन्‍होंने छूटते ही कहा- जहन्‍नुम में जाए जम्‍मू-कश्‍मीर, उसे वहीं ले गए हैं आप लोग. लोगों के दिल तो जीतने हैं, लेकिन कैसे. जब आप ऐसी-वैसी चीजें करेंगे जिससे लोग और भी दूर जाएं तो यह कैसे होगा.

उन्होंने आगे कहा क‍ि जम्‍मू-कश्‍मीर को सत्‍तारूढ़ केंद्र सरकार वहीं (जहन्नुम) लेकर चली गई है. लोगों के दिल जीतने की बातें हो रही हैं. लेकिन, कैसे लोगों के दिल जीत पाओगे. जब आप ऐसी-वैसी चीजें करेंगे जिससे लोग आप से और भी दूर जाएंगे तो यह कैसे होगा.

बाद में उन्‍होंने अपने बयान पर सफाई दी. फारूक ने कहा, “हम किसी दूसरे देश के साथ खड़े नहीं होंगे, लेकिन कम से कम हमारा सम्मान करें. हमारा दिल जीतने की कोशिश करें. इसीलिए मैंने इन शब्दों का प्रयोग किया.”

बीते सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने सर्वसम्मति से जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने के सरकार के फैसले को कायम रखा था. साथ ही कहा था कि यथाशीघ्र राज्य का दर्जा बहाल हो. सरकार को अगले साल 30 सितंबर तक जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव करा लेने चाहिए.

हिंदी पोस्ट वेब डेस्क
(इनपुट्स: आईएएनएस)

 


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