पेशावर: नमाजियों की पहली लाइन में खड़ा था आत्मघाती हमलावर, खुद को उड़ा लिया, TTP ने ली जिम्मेदारी

Blast In Peshawar Mosque (1)

फोटो वाया आईएएनएस

The Hindi Post

पेशावर | पेशावर के पुलिस लाइंस इलाके में सोमवार को मस्जिद में हुए आत्मघाती विस्फोट में 44 लोगों की मौत हो गई, जबकि 157 अन्य घायल हो गए, स्थानीय मीडिया ने यह जानकारी दी. जियो न्यूज ने सुरक्षा अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट किया कि आत्मघाती हमलावर नमाज पढ़े जाने के दौरान पहली पंक्ति में मौजूद था. इसी दौरान उसने खुद को उड़ा लिया. जुहर की नमाज अदा कर रहे दर्जनों लोग इस धमाके की चपेट में आ गए. प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने हमले की जिम्मेदारी ली है. पेशावर में मस्जिद पर हमला, टीटीपी द्वारा सुरक्षा बलों और उनके प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर किए गए हमलों में अब तक का सबसे बड़ा हमला है.

पुलिस ने कहा कि विस्फोट में मस्जिद के इमाम साहिबजादा नूर उल अमीन की भी मौत हो गई हैं. प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, विस्फोट दोपहर करीब 1:40 बजे हुआ उस समय जुहर की नमाज अदा की जा रही थी. जब ब्लास्ट हुआ उस समय, पुलिस, सेना और बम निरोधक दस्ते के कई अधिकारी मस्जिद के अंदर मौजूद थे. ब्लास्ट इतना जबरदस्त था कि इमारत का एक हिस्सा ढह गया हैं.

पाकिस्तान के सभी राजनीतिक दलों के नेताओं ने इस हमले की व्यापक रूप से निंदा की है. पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई प्रमुख इमरान खान ने कहा – पेशावर में पुलिस लाइन मस्जिद में नमाज के दौरान हुए आतंकी आत्मघाती हमले की कड़ी निंदा करता हूं. मेरी प्रार्थनाएं और संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं.

घायलों को पेशावर के लेडी रीडिंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अस्पताल ने नागरिकों से पीड़ितों के लिए रक्तदान करने की अपील की है. पेशावर के कैपिटल सिटी पुलिस अधिकारी (सीसीपीओ) एजाज खान ने मीडिया को बताया कि अभी भी कई पुलिसकर्मी मलबे में फंसे हुए हैं. उन्होंने कहा कि हम फिलहाल बचाव अभियान पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं.

खान ने कहा, 300-400 के करीब पुलिसकर्मी आमतौर पर जुहर के समय नमाज अदा करते हैं. अगर पुलिस लाइंस के अंदर कोई विस्फोट हुआ है, तो यह सुरक्षा में चूक है. एक चश्मदीद ने मीडिया को बताया कि जब धमाका हुआ तो वह मस्जिद जा रहा था. प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, यह शक्तिशाली विस्फोट था. विस्फोट के बाद हर जगह धुआं ही धुआं था.

प्रत्यक्षदर्शी ने कहा- घटना के समय मस्जिद के अंदर कम से कम 120 लोग मौजूद थे. यह एक आत्मघाती विस्फोट था हमलावर मस्जिद के भीतरी प्रांगण में था. जब यह हुआ तब जुहर की नमाज शुरू ही हुई थी. घायलों में ज्यादातर पुलिसकर्मी थे. पेशावर के सिविल सचिवालय संघ के अध्यक्ष, तस्सवुर इकबाल, जो नियमित रूप से मस्जिद में नमाज पढ़ने आते हैं ने कहा कि पुलिस लाइन्स क्षेत्र में सुरक्षा हमेशा हाई-लेवल की होती है, और कोई भी यहां अपनी पहचान और चेकिंग के बिना प्रवेश नहीं कर सकता है.

इस घटना के बाद इस्लामाबाद की सुरक्षा बढ़ा दी गई हैं.

हिंदी पोस्ट वेब डेस्क/आईएएनएस


The Hindi Post
error: Content is protected !!