कंझावला केस : पीड़िता के परिवार का दावा, अंजलि के शराब पीने का नहीं है कोई सबूत, उसकी हत्या की गई
फाइल फोटो
नई दिल्ली | दिल्ली के कंझावला केस में अंजलि के परिजनों ने बुधवार को कहा कि यह कोई हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है. मीडिया से बात करते हुए, मृतक के परिवार के सदस्य भूपेंद्र सिंह चौरसिया, जिनके हाथ में अंजलि की ऑटोप्सी रिपोर्ट थी, ने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उसके (अंजलि) शराब पीने का कोई जिक्र नहीं है.
मृतक के परिजनों ने कहा, यह एक पूर्व नियोजित हत्या है. घटना में अंजलि की स्किन (त्वचा) बुरी तरह छिल गई थी जिसकी वजह से पीठ की ओर से पसलियां बाहर निकल गई थी.
परिवार का यह बयान अंजलि की एक दोस्त निधि के उस बयान के बाद आया है जिसमें उसने दावा किया था कि अंजलि 31 दिसंबर की रात को नशे में थी. हालांकि, आधिकारिक पुष्टि और पोस्टमॉर्टम की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार अभी भी है.
निधि ने कहा था, अंजलि ने काफी शराब पी रखी थी. निधि ने अपने बयान में कहा था, “स्कूटी कौन चलाएगा इसको लेकर हमारा (अंजलि और निधि) झगड़ा भी हुआ था. वह अपने होश में बिल्कुल नहीं थी. उस दुर्घटना (कार से टकराने) से पहले, वह एक ट्रक से टकराने वाली थी लेकिन मैंने किसी तरह समय रहते ब्रेक लगा दिया और हम बच गए”.
चौरसिया ने कहा कि ऑटोप्सी रिपोर्ट में अंजलि के पेट में अल्कोहल नहीं पाई गई है.
चौरसिया ने ऑटोप्सी रिपोर्ट पढ़ते हुए कहा, घटना में अंजलि की खोपड़ी टूट गई और उसके ब्रेन (दिमाग) का हिस्सा गायब है. कुल 40 चोटें हैं (अंजलि को कुल 40 चोटें आई थी), जिनमें से 20 से 25 चोट के निशान साफ दिखाई दे रहे हैं. कुछ चोटें शव के काले पड़ने, गलने और जलने के प्रभाव के कारण नहीं दिखाई दे रही हैं.”
उन्होंने यह भी सवाल किया कि जब दो दोस्त इतने भयंकर घटना के दौरान एक साथ थे, तो यह कैसे संभव है कि एक दोस्त को गंभीर चोटें आए और दूसरे को चोटें ही न लगे.
हिंदी पोस्ट वेब डेस्क/आईएएनएस
