ब्रिटेन में एस्ट्राजेनेका वैक्सीन लगाने के बाद ब्लड क्लॉटिंग से 7 लोगों की मौत

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प्रतीकात्मक फोटो

The Hindi Post

लंदन | ब्रिटेन में 1.8 करोड़ से अधिक लोगों को एस्ट्राजेनेका वैक्सीन लगाई जा चुकी है। मेडिसिन ऐंड हेल्थकेयर रेगुलेटरी एजेंसी (एमएचआरए) ने कहा है कि ब्लड क्लॉटिग (रक्त के थक्कों) के कारण सात लोगों की मौत हो गई है। हालांकि यह दुर्लभ मामले हैं और इन मौतों के कारण स्पष्ट नहीं हुए हैं।

डीपीए न्यूज एजेंसी ने एमएचआरए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जून राईन के हवाले से रिपोर्ट दी है कि एस्ट्राजेनेका वैक्सीन से कोविड-19 संक्रमण को रोकने में लाभ, इसकी जटिलताओं एवं जोखिम से भी अधिक है। अतएव, जब भी लोगों को टीका लगवाने के लिए आमंत्रित किया जाए तो उन्हें टीका अवश्य लगवाना चाहिए।

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एमएचआरए ने पहले कहा था कि ब्रिटेन में 1.81 करोड़ लोगों को एस्ट्राजेनेका / ऑक्सफोर्ड वैक्सीन की खुराक दी गई है और इनमें से दुर्लभ ब्लड क्लॉटिंग के 30 मामले सामने आए हैं।

एजेंसी ने कहा कि 24 मार्च तक मस्तिष्क शिरा घनास्त्रता (थ्रॉम्बॉसिस) और आठ अन्य प्रकार के घनास्त्रता के कुल 22 मामले सामने आए थे। इन मामलों में भी यह स्पष्ट नहीं था कि ये मामले परस्पर जुड़े हुए हैं अथवा नहीं।

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एस्ट्राजेनेका वैक्सीन लगवाने वाले रोगियों में असामान्य रक्त के थक्के के मामलों की रिपोर्ट आने के बाद कुछ राष्ट्रीय नियामकों को यह सीमित करने के लिए विवश होना पड़ा है कि किसे यह वैक्सीन लगाए जाए, अथवा किसे नहीं।

उदाहरण के लिए कनाडा ने 55 वर्ष से कम उम्र के लोगों के लिए इस वैक्सीन के उपयोग को निलंबित कर दिया है, जबकि जर्मनी ने 60 वर्ष से कम उम्र के लोगों के लिए यह टीका लगाने से मना कर दिया है। दूसरी ओर, ब्रिटेन ने कहा है कि यह टीका सभी आयु वर्गों के लिए सुरक्षित है।

आईएएनएस

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