दो विनाशकारी भूकंपों के बाद वेनेजुएला में फिर हिली धरती, इतनी थी तीव्रता
फोटो क्रेडिट : आईएएनएस
दो विनाशकारी भूकंपों के बाद वेनेजुएला में फिर हिली धरती, इतनी थी तीव्रता
काराकस | वेनेजुएला के मध्य हिस्से में शनिवार को 4.1 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया. वेनेजुएला की भूकंप अनुसंधान संस्था (फनविसिस) ने इस बात की पुष्टि की है. यह भूकंप ऐसे समय में आया है जब देश के लोग इसी सप्ताह की शुरुआत में आए दो बड़े और विनाशकारी भूकंपों की त्रासदी से उबर भी नहीं पाए हैं और पहले से ही खौफ में हैं.
ला गुएरा से 35 किमी दूर था केंद्र, महज 5 किमी की गहराई ने बढ़ाई चिंता
फनविसिस के अनुसार, इस नए भूकंप का केंद्र मध्य तटीय इलाके के प्रमुख बंदरगाह शहर ‘ला गुएरा’ से करीब 35 किलोमीटर पश्चिम में था. गौरतलब है कि बुधवार को आए दो शक्तिशाली भूकंपों के बाद ला गुएरा में बड़े पैमाने पर तबाही हुई थी जिसके चलते प्रशासन ने इसे पहले ही ‘आपदा प्रभावित क्षेत्र’ घोषित कर रखा है.
अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को आए इस भूकंप का हाइपोसेंटर (उद्गम केंद्र) जमीन से महज 5 किलोमीटर नीचे था. भूकंप विशेषज्ञों का कहना है कि कम गहराई वाले भूकंप धरातल पर बेहद तीव्र महसूस होते हैं और इनसे कमजोर हो चुकी इमारतों को नुकसान पहुंचने का खतरा काफी बढ़ जाता है.
काराकस में इमारतों से बाहर भागे लोग, राहत कार्यों में जुटी टीमें
भूकंप के ये झटके राजधानी काराकस और उसके आसपास के इलाकों में भी साफ तौर पर महसूस किए गए. झटके लगते ही लोग किसी अनहोनी और इमारतें गिरने के डर से आनन-फानन में अपने घरों और दफ्तरों से बाहर खुले मैदानों की तरफ भागने लगे. इससे पहले बुधवार को आए दो भीषण भूकंपों के कारण वेनेजुएला के कई हिस्सों में भारी तबाही हुई थी जिसमें कई बहुमंजिला इमारतें जमींदोज हो गईं थी, बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ था और कई लोगों को अपनी जान भी गंवानी पड़ी थी.
फिलहाल, स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं. बचाव दल तटीय और पहाड़ी इलाकों के उन दूरदराज के हिस्सों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं जहां रास्ते बंद होने के कारण लोग फंसे हुए हैं.
आफ्टरशॉक की चेतावनी और अंतरराष्ट्रीय मदद की अपील
फनविसिस के विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही शनिवार को आए भूकंप की तीव्रता बहुत ज्यादा नहीं थी लेकिन पहले से जर्जर और कमजोर हो चुके ढांचों के लिए यह खतरनाक साबित हो सकता है. बड़े भूकंप के बाद ऐसे आफ्टरशॉक (बाद के झटके) आना स्वाभाविक है. ये कमजोर पड़ चुकी इमारतों को और नुकसान पहुंचा सकते हैं.
हालात की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने जोखिम वाले इलाकों में रहने वाले नागरिकों से बेहद सतर्क रहने की अपील की है. आपातकालीन सेवाओं को हाई अलर्ट पर रखा गया है और विशेष टीमें अस्पतालों, पुलों तथा बिजली-पानी जैसी बुनियादी व्यवस्थाओं की सुरक्षा जांच कर रही हैं. संकट की इस घड़ी में वेनेजुएला सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी मदद की गुहार लगाई है. फनविसिस 24 घंटे स्थिति पर नजर रखे हुए है और उसने जनता से अफवाहों पर ध्यान न देकर केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने को कहा है.
आईएएनएस
दो बड़े भूकंपों के बाद वेनेजुएला में फिर हिली धरती, 4.1 तीव्रता के कंपन से दहशत बढ़ी
