उत्तर प्रदेश: कोविड टीकाकरण से नहीं हुई स्वास्थय कर्मी की मौत, सच आया सामने
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लखनऊ | उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक 46 वर्षीय सरकारी अस्पताल के कर्मचारी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि उसकी मौत कोविड वैक्सीन लगवाने से नहीं बल्कि ‘कार्डियोपल्मोनरी डिजीज’ के कारण कॉर्डियोजेनिकशॉक/सेप्टिसेमि शॉक की वजह से हुई थी। गौरतलब है कि कोविड वैक्सीन लगवाने के 24 घंटे बाद रविवार शाम को स्वास्थ्यकर्मी की मौत हो गई थी।
जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा है कि उसकी मौत का टीकाकरण से कोई लेनादेना नहीं है।

सीने में अकड़न और सांस फूलने की शिकायत के बाद वार्ड बॉय महिपाल सिंह की मौत हो गई। उनके परिवार के अनुसार, वह टीका लेने से पहले अस्वस्थ थे।
मृतक के बेटे ने संवाददाताओं को बताया कि टीकाकरण से पहले वह अस्वस्थ हो गए थे, लेकिन टीका लगवाने के बाद उनकी हालत बिगड़ गई।
महिपाल सिंह के बेटे विशाल ने कहा, “मेरे पिता दोपहर 1.30 बजे के आसपास टीकाकरण केंद्र से बाहर आए। मैं उन्हें घर ले आया। उनकी सांस फूल रही थी और उन्हें खांसी आ रही थी। उन्हें थोड़ा बहुत निमोनिया, सामान्य खांसी और जुकाम था, लेकिन घर लौटने के बाद उनकी हालत काफी बिगड़ गई।”

मुरादाबाद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एम.सी. गर्ग ने संवाददाताओं से कहा, “धर्मपाल की मौत का टीकाकरण से संबंध नहीं है। उन्होंने शनिवार को भी रात की ड्यूटी की थी और कोई समस्या नहीं थी।”
एक प्रेस विज्ञप्ति में, उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा कि उसने भारत के कोविड टीकाकरण अभियान के पहले दिन शनिवार को 22,643 लोगों को टीका लगाया।
उत्तर प्रदेश में टीकाकरण का अगला दिन शुक्रवार, 22 जनवरी है।
आईएएनएस
