मनीष गुप्ता हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने की यूपी सरकार ने की सिफारिश

Manish Gupta
The Hindi Post

लखनऊ | कानपुर के व्यापारी मनीष गुप्ता की गोरखपुर में हत्या मामले में यूपी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की संस्तुति दे दी है। गृह विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर मनीष गुप्ता की मौत के मामले की जांच सीबीआई से कराने के लिए भारत सरकार को संस्तुति भेज दी गई है। मनीष गुप्ता की पत्नी को कानपुर विकास प्राधिकरण में ओएसडी के पद पर नियुक्त करने के निर्देश भी दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने मनीष गुप्ता के परिवार को 40 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी देने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसके साथ ही केस को गोरखपुर से कानपुर ट्रांसफर करने का भी निर्देश दिया है। गोरखपुर में मनीष गुप्ता की हत्या के मामले में दर्ज केस के कानपुर ट्रांसफर होने के बाद जब तक सीबीआई केस को टेकओवर नहीं करती है, तब तक कानपुर में एसआइटी गठित कर केस की जांच शुरू कराई जाएगी।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसके साथ ही मनीष गुप्ता के परिवार को 40 लाख रुपया की आर्थिक सहायता भी देने का निर्देश दिया है। यह धनराशि पीड़ित परिवार को प्रदान कर दी गई है। मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी ने कानपुर में भेंट के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस केस की सीबीआइ से जांच कराने की मांग की थी। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने उनको इसका आश्वासन भी दिया था।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर मनीष हत्याकांड की जांच के लिए पुलिस आयुक्त असीम अरुण ने एसआइटी का गठन भी कर दिया है।

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गौरतलब है कि गोरखपुर के रामगढ़ताल इलाके के होटल कृष्णा पैलेस में 27 सितंबर को देर रात पुलिस की पिटाई से मनीष गुप्ता की मौत हो गई थी। इस मामले में इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह, दरोगा अक्षय मिश्रा व विजय यादव समेत छह पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। इन सभी के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।

मृतक मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी ने शुक्रवार को कहा था कि मुख्यमंत्री योगी ने एक बड़े भाई की तरह अच्छे निर्णय लिए हैं, लेकिन गोरखपुर के एडीजी गलत बयान देकर मेरी हिम्मत तोड़ रहे हैं। सीएम से अपील करती हूं कि पति को न्याय दिलाने के लिए जल्द से जल्द सीबीआई जांच शुरू कराएं। हत्याकांड के बाद गोरखपुर पुलिस और प्रशासन का जो रवैया रहा है इसे देखते हुए मैं उन पर विश्वास नहीं कर सकती।

आईएएनएस

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