तुर्की में देवदूत बने NDRF के जवान, 6 साल की बच्ची को मलबे से जिंदा निकाला
स्क्रीनग्रैब @Amit Shah
नई दिल्ली | तुर्की में भूकंप से हुए भारी नुकसान के बाद भारत सरकार ने मदद के हाथ बढ़ाए हैं. इसी कड़ी में भारत से गए 151 एनडीआरएफ के जवान ग्राउंड जीरो पर लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दे रहे हैं. इसी दौरान देवदूत बने एनडीआरएफ के जवानों ने गुरुवार को 6 साल की एक बच्ची को मलबे से सफलतापूर्वक बाहर निकाला.
भूकंप से सबसे ज्यादा प्रभावित तुर्की के गाजियानटेप में एनडीआरएफ की दो टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दे रही हैं. इसी कड़ी में देवदूत बने एनडीआरएफ के जवानों ने गुरुवार को 6 साल की एक बच्ची को मलबे से सफलतापूर्वक जिंदा निकाला है. इसके अलावा कई और फंसे लोगों को भी एनडीआरएफ के जवानों ने मलबे से निकालने में सफलता पाई है.
Proud of our NDRF.
In the rescue operations in Türkiye, Team IND-11 saved the life of a six-year-old girl, Beren, in Gaziantep city.
Under the guidance of PM @narendramodi, we are committed to making @NDRFHQ the world’s leading disaster response force. #OperationDost pic.twitter.com/NfvGZB24uK
— Amit Shah (@AmitShah) February 9, 2023
गृह मंत्रालय से जुड़े एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस प्राकृतिक आपदा में भारत तुर्की के साथ खड़ा है. भारत का एनडीआरएफ ग्राउंड जीरो पर बचाव और राहत अभियान चला रहा है. उन्होंने कहा इसी कड़ी में टीम ने आज गाजियानटेप के नूरदागी इलाके से 6 साल की बच्ची को सफलतापूर्वक निकाला है.
गौरतलब है कि तुर्की में आए भूकंप के बाद भारत ऑपरेशन ‘दोस्त’ चला रहा है. इसी के तहत एनडीआरएफ के 151 जवान, डॉग स्क्वाड और साजो सामान के साथ तुर्की भेजे गए हैं. तुर्की में जगह-जगह मलबा बिखरा पड़ा है और चीख-पुकार अब भी जारी है. मौत का आंकड़ा भी लगातार बढ़ रहा है. मरने वालों का आंकड़ा 21 हजार के पार पहुंच गया है.
आईएएनएस
