यह दिग्गज नेता लाल किले पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में नहीं हुए शामिल, खाली पड़ी रही इस नेता की कुर्सी

Mallikarjun Kharges Chair Vacant

Photo: Social Media

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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे लाल किले में आयोजित हुए स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में मंगलवार को शामिल नहीं हुए. लाल किले की प्राचीर से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित किया.

कांग्रेस अध्यक्ष के न आने से राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई. बाद में कांग्रेस की तरफ से बयान जारी कर इसकी वजह बताई गई.

कांग्रेस ने बताया, “खड़गे को अपने घर और कांग्रेस पार्टी दफ्तर में तिरंगा फहराना था. इसलिए वह लाल किले में होने वाले समारोह में शामिल नहीं हो पाए. अगर वह लाल किले के समारोह में जाते तो वह घर और पार्टी दफ्तर में ध्वजारोहण करने समय से नहीं पहुंच पाते. सुरक्षा कारणों के चलते वह लाल किले से जल्दी नहीं निकल सकते थे.”

उन्होंने आगे कहा कि वह शाम को राष्ट्रपति आवास में मौजूद रहेंगे.

इस बीच खड़गे ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से देश के लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं दी.

इस मौके पर कांग्रेस प्रमुख ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए उस पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया.

खड़गे ने कहा, “आप सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं. लोकतंत्र और संविधान हमारे देश की आत्मा हैं. हम प्रण लेते हैं कि देश की एकता, अखंडता, प्रेम, भाईचारे और सद्भाव के लिए लोकतंत्र और संविधान की स्वतंत्रता को कायम रखेंगे.”

बीजेपी पर हमला करते हुए कांग्रेस प्रमुख ने कहा, ‘आज लोकतंत्र, संविधान और संस्थाएं खतरे में हैं. विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए नये-नये हथकंडे अपनाये जा रहे हैं. केंद्रीय जांच ब्यूरो, प्रवर्तन निदेशालय, आयकर द्वारा छापे मारे जाते हैं. चुनाव आयोग को कमजोर किया जा रहा है.”

राहुल गांधी सहित विपक्षी सांसदों के निलंबन के संदर्भ में खड़गे ने कहा, “संसद में विपक्षी सांसदों की आवाज को दबाने के प्रयास किए जा रहे हैं. किसी का माइक बंद हो रहा है या किसी के शब्द काटे जा रहे हैं. विशेषाधिकार प्रस्ताव लाए जा रहे हैं.”

इस मौके पर उन्होंने जवाहर लाल नेहरू समेत पूर्व प्रधानमंत्रियों के कार्यों पर भी प्रकाश डाला.

उन्‍होंने कहा, “आजकल कुछ लोग कहते हैं कि भारत की प्रगति (भाजपा सरकार के) पिछले कुछ वर्षों में ही हुई है. उनकी सोच गलत है.” खड़गे ने उल्लेख किया कि एम्स, आईआईटी, आईआईएम और अन्य संस्थान नेहरू द्वारा बनाए गए थे.

हिंदी पोस्ट वेब डेस्क
(इनपुट्स: आईएएनएस)


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