मुख्यमंत्री ने नवविवाहित जोड़ों से जल्द से जल्द परिवार बढ़ाने की करी अपील…

wedding-g1d464b166_640 (1)

सांकेतिक तस्वीर (Pixabay)

The Hindi Post

चेन्नई | तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने अपने राज्य के नागरिकों से अनोखी अपील की है. इस अपील में उन्होंने कहा है कि राज्य के नागरिक ज्यादा बच्चे पैदा करें ताकि राज्य में जनसंख्या के आधार पर संसदीय सीटों का परिसीमन होने पर राज्य को होने वाले संभावित नुकसान से बचाया जा सके.

अपने 72वें जन्मदिन के मौके पर भी स्टालिन ने इस मुद्दे को उठाया था और कहा था कि अगर जनसंख्या के आधार पर लोकसभा सीटों का सीमांकन किया जाता है तो तमिलनाडु को आठ सीटों का नुकसान हो सकता है. उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य में 39 लोकसभा सीटें हैं जो परिसीमन के बाद घटकर 31 हो सकती हैं.

इसके कुछ दिन बाद ही उन्होंने फिर से अपने बयान पर जोर देकर कहा है कि राज्य की जनसंख्या को बढ़ाने की जरूरत है और इसके लिए उन्होंने राज्य के नागरिकों से अपील की कि वे ज्यादा बच्चों को जन्म दें ताकि राज्य की संसदीय सीटों की संख्या बरकरार रहे.

इसके अलावा, स्टालिन ने त्रिभाषा नीति पर भी अपनी बात कही. उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार स्कूली छात्रों के लिए धन मुहैया कराने के लिए त्रिभाषा नीति लागू कर रही है लेकिन तमिलनाडु ने अपनी सफलता के लिए दो-भाषा नीति को अपनाया है. तमिलनाडु ने अपनी मातृभाषा तमिल के साथ-साथ अंग्रेजी को सीखकर प्रगति की है जबकि हिंदी की बजाय अंग्रेजी को अपना कर राज्य ने दुनिया से संवाद स्थापित किया है. तमिलनाडु ने हिंदी को थोपे जाने के खिलाफ आवाज उठाई है और अब उत्तरी राज्यों से भी इसे समर्थन मिल रहा है.”

सीएम स्टालिन ने यह भी साफ किया कि तमिलनाडु की विशेषता को कुछ लोग नकारते हैं लेकिन राज्य ने विज्ञान, तकनीकी और गणित में अपनी सफलता का रास्ता अपने शिक्षा पद्धतियों के माध्यम से ही प्राप्त किया है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हिंदी का बढ़ता हुआ प्रभुत्व कुछ लोगों के सामाजिक वर्चस्व को स्थापित करने के लिए किया जा रहा है. उनका कहना था, “अगर तमिलनाडु ने हिंदी को प्राथमिक भाषा के रूप में अपनाया होता तो राज्य की सफलता को वह ऊंचाई नहीं मिल पाती जो वर्तमान में है.”

सीएम स्टालिन ने सीमांकन की प्रक्रिया पर भी गंभीर चिंता जताई और कहा, “केंद्र सरकार की मंशा तमिलनाडु के अधिकारों को छीनने की है.” उन्होंने कहा, “परिसीमन प्रक्रिया के कारण राज्य का संसद में प्रतिनिधित्व कम हो सकता है, जिससे तमिलनाडु की आवाज दब सकती है.” उन्होंने इसे तमिलनाडु के अधिकारों पर हमला करार दिया और इसके खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान किया. मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “तमिलनाडु की आवाज को एकजुट करने के लिए एक सर्वदलीय बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें सभी पंजीकृत दलों को आमंत्रित किया गया है और कई दलों ने इसमें भाग लेने की इच्छा व्यक्त की है.”

स्टालिन ने जनता से फिर से अपील की है कि अपने राजनीतिक मतभेदों को भुलाकर तमिलनाडु के हित में एकजुट हों और परिसीमन प्रक्रिया के खिलाफ एक आवाज उठाएं. उन्होंने कहा, “राज्य के अधिकारों को बचाने और उन्हें पुनः प्राप्त करने के लिए लोगों का समर्थन बेहद जरूरी है. एक मजबूत और समृद्ध तमिलनाडु बनाने के लिए सभी का सहयोग आवश्यक है, और केवल एकजुट होकर ही राज्य के अधिकारों की रक्षा की जा सकती है.”

IANS


The Hindi Post
error: Content is protected !!