एलएसी पर माहौल तनावपूर्ण, किसी भी स्थिति से निपटने को तैयार : सैन्य प्रमुख
भारतीय सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवड़े (फाइल फोटो/ आईएएनएस)
लेह | भारतीय सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवड़े ने शुक्रवार को कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास स्थिति तनावपूर्ण है और सुरक्षा बल सभी प्रकार की आकस्मिक घटनाओं के लिए तैयार हैं। सैन्य प्रमुख ने कहा, “देश हम पर भरोसा कर सकता है।” जनरल नरवड़े दो दिवसीय लद्दाख के दौरे पर थे, जहां उन्होंने एलएसी के साथ आगे के स्थानों पर तैनात सैनिकों से भी मुलाकात की।
सेना प्रमुख ने कहा, “एलएसी पर स्थिति तनावपूर्ण है। हमने कुछ क्षेत्रों में एहतियातन तैनाती की है। सेना उन सभी आकस्मिकताओं के लिए तैयार है, जो उत्पन्न हो सकती हैं। इन सभी कार्रवाइयों को केवल एलएसी पर किया गया है।”
जनरल नरवड़े ने कहा कि वह गुरुवार सुबह लेह पहुंच गए, जिसके बाद उन्होंने कमांडरों और सैनिकों के साथ समय बिताया और सीमा स्थिति का आकलन किया। भारतीय सेना प्रमुख शुक्रवार दोपहर दिल्ली लौट आए।
General MM Naravane #COAS visited #Leh and reviewed security situation and operational preparedness along the Line of Actual Control in #EasternLadakh. He complimented troops for the high standards of professionalism and devotion to duty.#IndianArmy#NationFirst pic.twitter.com/g4Qbb9jIXL
— ADG PI – INDIAN ARMY (@adgpi) September 4, 2020
जनरल नरवने ने कहा, “हमारे सैनिकों और स्थानीय कमांडरों को उच्च मनोबल और अच्छे स्वास्थ्य में देखना बहुत संतोषजनक है। इससे मुझे विश्वास होता है कि वे हमारे राष्ट्र की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने के लिए अच्छी तरह तैयार हैं।”
उन्होंने कहा कि पिछले तीन महीनों में भारत और चीन दोनों ही स्थिति को सुलझाने में लगे हुए हैं।
उन्होंने कहा, “सैन्य और राजनयिक चैनल काम कर रहे हैं। भारतीय पक्ष बातचीत के माध्यम से एलएसी के साथ वर्तमान स्थिति को हल करने के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध है।”
जनरल नरवड़े ने कहा कि भारत तनाव को कम करने के लिए सभी मौजूदा तंत्रों का उपयोग करना जारी रखेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि यथास्थिति एकतरफा नहीं बदली जाए।
चीन द्वारा यथास्थिति को बदलने के लिए हाल में किए गए प्रयासों के बाद नरवड़े ने लद्दाख का दौरा किया है। चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के सैनिकों ने 29 अगस्त को फिर से पैंगॉन्ग त्सो (झील) के दक्षिण में और 31 अगस्त को भारतीय क्षेत्रों में नए सिरे से घुसपैठ के प्रयास किए थे।
31 अगस्त को चीनी सैनिकों ने उकसावे वाली कार्रवाई की थी, जिसके बाद भारतीय सैनिकों ने सप्ताहांत में पीएलए की भूमि हड़पने वाले मंसूबों पर पानी फेर दिया था।
29 अगस्त और 30 अगस्त 2020 की मध्यरात्रि को पीएलए के सैनिकों ने पहले बनी सहमति का उल्लंघन किया। दोनों देशों के सैन्य प्रतिनिधि अब तनाव को कम करने के लिए बातचीत करने में लगे हुए हैं।
आईएएनएस
