23 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत, मृतक की मां ने रो-रोकर कहा – “रईसजादे की स्कॉर्पियो जो कि स्टंटबाजी की रील …..”
सांकेतिक तस्वीर (AI Photo - ChatGPT)
रीलबाजी के चक्कर में नाबालिग ने 22 साल के युवक को रौंदा, बहन बना रही थी वीडियो, सिंगल मदर लगा रही इंसाफ की गुहार…
दिल्ली के द्वारका में 3 फरवरी को हुए दर्दनाक सड़क हादसे में जान गंवाने वाले 23 वर्षीय युवक की मां ने आरोप लगाया है कि 17 वर्षीय आरोपी तेज रफ्तार एसयूवी चलाते हुए सोशल मीडिया के लिए रील शूट कर रहा था.
दरअसल, तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने साहिल धनशेरा की मोटरसाइकिल को सामने से टक्कर मार दी थी जिससे उनकी मौत हो गई. उस समय स्कॉर्पियो को कथित तौर पर नाबालिग लड़का चला रहा था.
आरोपी के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था. उसे गिरफ्तार कर लिया गया था. बाद में आरोपी को किशोर न्याय बोर्ड (JJB) के समक्ष पेश किया गया था जहां से उसे ऑब्जर्वेशन होम भेज दिया गया था. आरोपी को 10 फरवरी को अंतरिम जमानत मिल गई. उसे जमानत इसलिए दी गई ताकि वह दसवीं की बोर्ड परीक्षाओं में शामिल हो सके.
आईएएनएस से बात करते हुए दिवंगत साहिल की शोकाकुल मां इन्ना माकन ने इस मामले में की गई कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए जवाबदेही की मांग की.
I lost my son sahil Dhaneshra a 22+ year old young and most talented boy whom I raised for 23 years alone as a single mom ,was killed brutally by a scorpio N bearing no.UP57BM3057 driver is an unlicensed driver and his sister while making speed fun reels in #dwarka #delhipolice pic.twitter.com/RiAx6HkO6x
— Inna Makan (@inna_makan) February 14, 2026
उन्होंने कहा, “मुझे बताया गया था कि यह केस अब किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत कर दिया गया है पर सवाल यह है कि नाबालिग लड़के के पिता कहा है? उनका कुछ पता नहीं चल रहा है. लड़के (जो कथित तौर पर गाड़ी चला रहा था) को बोर्ड परीक्षाओं के लिए अंतरिम जमानत मिल गई है. नाबालिग के मामले में पिता को जिम्मेदार माना जाता है पर वो है कहा? मुझे यह बात बिलकुल स्वीकार नहीं है.”
दिल्ली पुलिस ने पुष्टि की है कि आरोपी 17 साल का है. शुरुआत में जांच अधिकारियों ने उसे बालिग मानकर कार्रवाई करने की कोशिश की थी और एफआईआर में उसकी उम्र 19 वर्ष दर्ज की गई थी. हालांकि बाद में परिवार (लड़के के) के वकील द्वारा जमा कराए गए पहचान पत्रों से साबित हुआ कि वह नाबालिग है. जांच के दौरान उसके पिता को हिरासत में लिया गया था लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया.
पुलिस ने बताया कि मोटर वाहन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत आरोपी के पिता का नाम आरोपपत्र में शामिल किया जाएगा. इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 281 (लापरवाही से वाहन चलाना), 106(1) (लापरवाही से मौत का कारण बनना) और 125(क) (दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालना) के तहत केस दर्ज किया गया है.
आईएएनएस
