संसद में धक्का-मुक्की कांड: कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज

Rahul Gandhi 25 (1)

फोटो: आईएएनएस

The Hindi Post

नई दिल्ली | धक्का-मुक्की मामले में दिल्ली पुलिस ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है. यह FIR बीजेपी की शिकायत पर दर्ज हुई है. उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. बीजेपी का आरोप है कि राहुल गांधी द्वारा की गई धक्का-मुक्की में उनके दो सांसदों को चोट आई है. दोनों सांसद आरएमएल अस्पताल में भर्ती हैं.

बता दे कि बीजेपी ने राहुल गांधी के खिलाफ हत्या की कोशिश से लेकर भारतीय न्याय संहिता की 6 अन्य गंभीर धाराओं में शिकायत दी थी पर संसद मार्ग थाने में बीएनएस की धारा 115 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), धारा 117 (स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुंचाना), धारा 125 (जान को खतरे में डालना), धारा 131 (आपराधिक बल का प्रयोग), धारा 351 (आपराधिक धमकी) के तहत राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज की गई है.

अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR में केवल बीएनएस की धारा 109 (हत्या का प्रयास) को हटाया है और अन्य सभी धाराएं वही हैं जो शिकायत में दी गई थी.

इससे पहले भारतीय जनता पार्टी के लोकसभा सदस्य अनुराग ठाकुर और बांसुरी स्वराज ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी.

इस मामले में भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी के खिलाफ लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति से भी शिकायतें की थी.

संसद मार्ग थाने में शिकायत दर्ज कराने के बाद अनुराग ठाकुर ने पत्रकारों से कहा कि राहुल गांधी के द्वारा शारीरिक हमला और उकसाने के लिए उनके खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने कहा कि एनडीए के सांसद शांतिपूर्ण तरीके से कांग्रेस के झूठ के प्रोपेगेंडा को बेनकाब कर रहे थे और उनसे माफी की मांग कर रहे थे. उसी समय राहुल गांधी अपने ‘इंडी’ गठबंधन के सांसदों के साथ आए और तय रास्ते से न जाकर एनडीए के सांसदों के बीच आ गए. उन्होंने अपनी पार्टी के सदस्यों को उकसाया भी और “दुर्भावनापूर्ण रवैये” के साथ आगे बढ़े.

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संसद परिसर में गुरुवार को हुई धक्का-मुक्की पर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए थे.

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा, “कुछ दिन पहले एक मामला सामने आया, जिस पर पूरे समय भाजपा ने सदन में चर्चा नहीं होनी दी. फिर अमित शाह का बाबा साहेब अंबेडकर पर बयान आया. हम शुरू से कहते आए हैं कि भाजपा-आरएसएस की सोच संविधान विरोधी और अंबेडकर के खिलाफ है.”

उन्होंने कहा, “भाजपा और आरएसएस के लोग बाबा साहेब अंबेडकर के योगदान को मिटाना चाहते हैं. अंबेडकर के प्रति उनकी जो सोच है उसे उन्होंने सबके सामने दिखा दिया है. हमने अमित शाह से इस्तीफा मांगा लेकिन वह नहीं हुआ और आज फिर से इन्होंने मुद्दे को भटकाने का काम किया है. हम अंबेडकर जी की प्रतिमा लेकर शांति से जा रहे थे. संसद की सीढ़ियों पर भाजपा के सांसद खड़े थे, जो हमें अंदर जाने नहीं दे रहे थे.”

Reported By: IANS, Edited By: Hindi Post Web Desk

 


The Hindi Post

You may have missed

error: Content is protected !!