फॉसिल फ्यूल आयात कम करने के लिए 100 प्रतिशत एथेनॉल ईंधन के उपयोग को दी मंजूरी : नितिन गडकरी
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फॉसिल फ्यूल आयात कम करने के लिए 100 प्रतिशत एथेनॉल ईंधन के उपयोग को दी मंजूरी : नितिन गडकरी
नई दिल्ली | केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि उन्होंने भारत की आयातित जीवाश्म ईंधन (फॉसिल फ्यूल) पर निर्भरता कम करने के लिए 100 प्रतिशत एथेनॉल ईंधन के उपयोग को मंजूरी दे दी है.
नागपुर में एनडीए (NDA) सरकार के 12 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि यह कदम वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की ओर तेजी से कदम बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है.
गडकरी ने बताया, ”शनिवार रात 8 बजे मैंने फाइल पर साइन कर दिया और 100 प्रतिशत एथेनॉल के उपयोग को कानूनी रूप से मंजूरी देने के नियमों को अंतिम रूप दे दिया.”
एथेनॉल पेट्रोल का एक व्यवहारिक विकल्प बन सकता है जिससे भारत का ईंधन आयात बिल कम हो सकता है. गडकरी ने कहा कि शुरुआत में इस विचार का कई लोगों ने मजाक उड़ाया और आलोचना भी की.
उन्होंने कहा, ”मैं जब यह सपना बताता था तो लोग हंसते थे. कुछ दोस्त इसकी आलोचना भी करते थे.”
गडकरी ने आगे बताया कि कई बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियां आने वाले हफ्तों में एथेनॉल-फ्रेंडली वाहन लॉन्च करने की तैयारी कर रही हैं.
टोयोटा, सुजुकी, एमजी और हुंडई जैसी कंपनियां अगले डेढ़ महीने में 100 प्रतिशत एथेनॉल-उपयोगी वाहन लॉन्च करेंगी.
पिछले हफ्ते सरकार ने ई85 ईंधन भी ई85-कम्पैटिबल फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए शुरू किया था. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप पुरी ने कहा कि भारत ने एथेनॉल मिश्रण (ब्लेंडिंग) के लक्ष्य को समय से पहले हासिल कर लिया है.
उन्होंने बताया कि पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण 2014 में 1.5 प्रतिशत से बढ़कर नवंबर 2022 में 10 प्रतिशत हो गया. 20 प्रतिशत मिश्रण का लक्ष्य 2030 तक पूरा करना था लेकिन इसे 2024 में ही हासिल कर लिया गया.
उन्होंने कहा, ”2014 से अब तक हमने एथेनॉल मिश्रण 1.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत किया जो नवंबर 2022 में पूरा हुआ. हमारा लक्ष्य 2030 तक 20 प्रतिशत मिश्रण का था लेकिन हमने इसे 2024 में ही पूरा कर लिया.”
उन्होंने कहा कि उद्योग जगत, ऑटोमोबाइल एसोसिएशन और अन्य संगठनों के साथ इस पर व्यापक चर्चा चल रही है. साथ ही ई85 ईंधन भी लॉन्च किया गया है लेकिन यह केवल ई85-योग्य फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए ही है.
IANS
