मणिपुर वायरल वीडियो मामला: सुुप्रीम कोर्ट ने लिया स्वत: संज्ञान, कहा – “सरकार कार्रवाई करे अन्यथा हम एक्शन लेंगे”
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नई दिल्ली | सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को मणिपुर की घटना का स्वत: संज्ञान लिया. मणिपुर में दो युवा आदिवासी महिलाओं को भीड़ ने नग्न अवस्था में घुमाया था. इस शर्मनाक घटना का वीडियो भी रिकॉर्ड किया गया था. बुधवार को यह वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद हड़कंप मच गया.
मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ में शामिल न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और मनोज मिश्रा ने सॉलिसिटर जनरल से कहा कि अगर सरकार कार्रवाई नहीं करती है तो शीर्ष अदालत “कदम उठाने” के लिए बाध्य होगी.
पीठ ने कहा, ”हम सरकार को कार्रवाई करने के लिए थोड़ा समय देंगे, अन्यथा हम कार्रवाई करेंगे.”
शीर्ष अदालत ने केंद्र और राज्य सरकार से 28 जुलाई तक उठाए गए कदमों के बारे में उसे अवगत कराने को कहा.
अदालत ने कहा कि यह बेहद परेशान करने वाली घटना है. कोर्ट ने इसे “अत्याचार की पराकाष्ठा करार दिया.”
मणिपुर में जातीय हिंसा भड़कने के एक दिन बाद चार मई को हुई इस घटना का वीडियो बुधवार को वायरल हुआ.
इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम (आईटीएलएफ) के अनुसार, दोनों महिलाओं को भीड़ द्वारा नग्न अवस्था में घुमाने के बाद धान के खेत में उनके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया था.
इससे पहले दिन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना की निंदा की और इसे देश के 140 करोड़ लोगों के लिए शर्मनाक बताया.
संसद के मॉनसून सत्र से पहले मीडियाकर्मियों से बात करते हुए उन्होंने कहा, “आज मेरा दिल दर्द और गुस्से से भर गया है. मणिपुर की जो घटना सामने आई है वो किसी भी सभ्य समाज के लिए शर्मनाक है.” उन्होंने कहा मैं देशवासियों को विश्वास दिलाता हूं कि किसी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.”
हिंदी पोस्ट वेब डेस्क/आईएएनएस
