बंगाल में सत्ता बदलते ही ईडी ने किसे किया गिरफ्तार ?, क्या है पूरा मामला ?
बंगाल में सत्ता बदलते ही ईडी ने किसे किया गिरफ्तार ?, क्या है पूरा मामला ?
कोलकाता | तृणमूल कांग्रेस के शासन में अग्निशमन सेवा मंत्री रहे सुजीत बोस को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों ने सोमवार रात को गिरफ्तार कर लिया. उन पर पिछली सरकार के दौरान पश्चिम बंगाल में हुए करोड़ों रुपए के नगरपालिका रोजगार घोटाले का आरोप है.
बोस सोमवार सुबह कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके में स्थित ईडी के सॉल्ट लेक कार्यालय में पूछताछ के लिए पेश हुए और लगभग 11 घंटे की लंबी पूछताछ के बाद केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया.
बोस हाल ही में संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में अपने गृह नगर बिधाननगर विधानसभा क्षेत्र से हार गए.
वह अपने बेटे समुद्र बोस के साथ सुबह लगभग 10:30 बजे सॉल्ट लेक स्थित ईडी के सीजीओ कॉम्प्लेक्स कार्यालय पहुंचे थे.
इससे पहले, बोस 1 और 4 मई को ईडी कार्यालय में पेश हुए थे. लेकिन दोनों ही मौकों पर लंबी पूछताछ के बाद ईडी अधिकारियों ने उन्हें जाने दिया था.

आखिरकार, पूर्व मंत्री को सोमवार को इसी मामले में गिरफ्तार कर लिया गया.
इससे पहले, ईडी अधिकारियों ने केंद्रीय बलों के साथ बोस से जुड़े कई स्थानों पर तलाशी ली थी. इनमें उनका आवास, कार्यालय और वीआईपी रोड के पास उनके बेटे का रेस्तरां शामिल है.
बोस ने पहले भी चुनाव के दौरान ईडी की कार्रवाई की आलोचना की थी और आरोप लगाया था कि जांच राजनीतिक रूप से प्रेरित है.
इससे पहले मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा था कि सुजीत बोस की हालत इतनी खराब नहीं है कि उन्हें पैसे कमाने के लिए नौकरियां बेचनी पड़ें. लोग यह जानते हैं. यह चुनाव आयोग और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की साजिश है.
पश्चिम बंगाल में स्कूलों में नौकरी के बदले नकद रिश्वत घोटाले से जुड़े एक अन्य मनी लॉन्ड्रिंग मामले के सिलसिले में तृणमूल कांग्रेस से जुड़े प्रमोटर अयान सिल के आवास पर छापेमारी और तलाशी अभियान के दौरान ईडी के अधिकारियों को करोड़ों रुपए के नगरपालिका नौकरी घोटाले की जानकारी मिली थी.
ईडी की बड़ी कार्रवाई: नगर पालिका भर्ती घोटाले में तृणमूल नेता सुजीत बोस को किया गिरफ्तार
