40 साल से जिसे ढूंढ रही थी पुलिस वो थाने से महज दो किलोमीटर दूर रह रहा था, किया था यह अपराध, अब हुआ गिरफ्तार
सांकेतिक तस्वीर (फोटो: आईएएनएस)
40 साल से जिसे ढूंढ रही थी पुलिस वो थाने से महज दो किलोमीटर दूर रह रहा था, किया था यह अपराध, अब हुआ गिरफ्तार
कानपुर की जूही पुलिस ने तीन नाबालिग लड़कियों को अगवा कर बेचने के मामले में सजायाफ्ता अपराधी को 40 साल बाद गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस पिछले चार दशकों से उसकी तलाश लखनऊ और आसपास के जिलों में कर रही थी. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वह जूही थाने से महज दो किलोमीटर दूर किदवई नगर की कच्ची बस्ती में पहचान बदलकर रह रहा था. उसकी पत्नी की दो साल पहले मौत हो चुकी है.
हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद हरकत में आई पुलिस
जूही थाना प्रभारी केके पटेल के अनुसार, वर्ष 1984 में जूही के साईंपुरवा स्थित कच्ची मड़ैया निवासी प्रदीप कुमार ने क्षेत्र की तीन नाबालिग लड़कियों का अपहरण कर उन्हें बेच दिया था. पुलिस ने आईपीसी की धारा 363 और 366 के तहत मामला दर्ज कर तीनों किशोरियों को सुरक्षित बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था.
अदालत ने प्रदीप, उसकी पत्नी फगुनी उर्फ राजकुमारी और तत्कालीन मकान मालकिन को इस मामले में दोषी ठहराया था. हालांकि, जमानत पर बाहर आने के बाद आरोपी फरार हो गया था. हाल ही में हाईकोर्ट ने इस पुराने मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस आयुक्त से जवाब-तलब किया था. इसके बाद पुलिस ने आरोपी की धरपकड़ के लिए अभियान तेज किया.
वोटर लिस्ट और ईपीआईसी नंबर से मिली सफलता
7 अगस्त को इस मामले में पुलिस आयुक्त को जवाब दाखिल करना था. पुलिस ने प्रदीप को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की. दरअसल, पुलिस टीम को प्रदीप का एक पुराना वोटर आईडी मिला. इसके बाद चुनाव आयोग की वेबसाइट के जरिए उसके ईपीआईसी (EPIC) नंबर से पारिवारिक ब्योरा जुटाया गया. बीएलओ (BLO) के माध्यम से आरोपी के एक रिश्तेदार का पता चला जिससे कड़ी पूछताछ के बाद पुलिस अंततः आरोपी प्रदीप तक पहुंच गई.
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर गुरुवार को अदालत के आदेश पर पुनः जेल भेज दिया है. पुलिस ने बताया कि अपहृत तीन किशोरियों में से एक की और आरोपी की पत्नी की पूर्व में मृत्यु हो चुकी है.
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