“मैंने आज तक ऐसा अहंकारी और झूठा……”, किस पर भड़कीं ममता बैनर्जी, किसके लिए किया इन शब्दों का प्रयोग ?
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“मैंने आज तक ऐसा अहंकारी और झूठा……”, किस पर भड़कीं ममता बैनर्जी, किसके लिए किया इन शब्दों का प्रयोग ?
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात के बाद चुनाव आयोग पर बेहद गंभीर आरोप लगाए. टीएमसी के 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ पहुंचीं ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को ‘अहंकारी’ करार देते हुए दावा किया कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया (SIR) पूरी तरह से पक्षपातपूर्ण और राजनीतिक रूप से प्रेरित है. उनके साथ अभिषेक बनर्जी और उन 12 परिवारों के सदस्य भी मौजूद थे जो इस प्रक्रिया से सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं.
ममता बनर्जी ने इस मुलाकात के बाद अपना कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक करियर में आज तक ऐसा व्यवहार नहीं देखा. उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में लोकतंत्र के नाम पर करीब 98 लाख लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं जिनमें से कई लोगों को गलत तरीके से ‘मृत’ घोषित कर दिया गया. मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इस SIR प्रक्रिया के कारण राज्य में फैले तनाव और डर की वजह से अब तक लगभग 140 से 150 लोगों की जान जा चुकी है. इनमें काम के दबाव के कारण दम तोड़ने वाले बीएलओ (BLO) भी शामिल हैं.
सीईसी से मुलाकात के बाद ममता बनर्जी ने कहा, “मैं बहुत दुखी हूं. मैं दिल्ली की राजनीति में लंबे वक्त से सक्रिय हूं. मैं चार बार मंत्री और सात बार सांसद रह चुकी हूं. मैंने आज तक ऐसा अहंकारी और झूठा चुनाव आयुक्त नहीं देखा. मैंने उनसे कहा कि मैं आपकी कुर्सी का सम्मान करती हूं, क्योंकि कोई भी कुर्सी हमेशा के लिए नहीं रहती. एक दिन तो आपको जाना ही होगा… बंगाल को क्यों निशाना बनाया जा रहा है? चुनाव लोकतंत्र का त्योहार होते हैं, लेकिन आपने 98 लाख लोगों के नाम हटा दिए और उन्हें अपना बचाव करने का मौका नहीं दिया…”
टीएमसी का आरोप है कि चुनाव आयोग मतदाता सूची साफ करने के बहाने विशेष रूप से अल्पसंख्यकों और गरीब वर्ग के वैध मतदाताओं को उनके मताधिकार से वंचित करने की साजिश रच रहा है. ममता बनर्जी ने इस मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की है.
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