एनसीपीआई में टीएमसी के 20 बागी सांसदों के शामिल होने पर हुमायूं कबीर ने दी प्रतिक्रिया, क्या बोले ?

HUMAYU KABEER

आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के प्रमुख हुमायूं कबीर / (फोटो क्रेडिट : आईएएनएस)

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एनसीपीआई में टीएमसी के 20 बागी सांसदों के शामिल होने पर हुमायूं कबीर ने दी प्रतिक्रिया, क्या बोले ?

 

कोलकाता | आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के प्रमुख हुमायूं कबीर ने मंगलवार को कहा कि अगर तृणमूल के 20 पूर्व सांसदों में पर्याप्त हिम्मत थी, तो उन्हें लोकसभा से इस्तीफा दे देना चाहिए था और अपने भविष्य का फैसला जनता के जनादेश पर छोड़ देना चाहिए था.

एजेयूपी प्रमुख की यह प्रतिक्रिया तब आई जब रविवार को तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी लोकसभा सांसदों ने त्रिपुरा की एक ऐसी राजनीतिक पार्टी नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया’ (एनसीपीआई) में शामिल होने की घोषणा की, जिसका अस्तित्व लगभग न के बराबर था.

बागी सांसदों ने रविवार को लोकसभा स्पीकर को पत्र सौंपकर इस बारे में आधिकारिक अनुरोध किया.

आईएएनएस से ​​बात करते हुए हुमायूं कबीर ने कहा कि जो 20 सांसद एक साथ आए हैं, वे मुद्दे उठा रहे हैं और तृणमूल कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ बोल रहे हैं. अगर उनमें हिम्मत है, तो उन्हें सबसे पहले उस पार्टी से इस्तीफा देना चाहिए था, जिसके चुनाव चिह्न पर वे चुनाव जीते थे और फिर आम लोगों को नए चुनाव के जरिए उनका भविष्य तय करने देते.

सांसद काकोली घोष दस्तीदार और तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी से जुड़े एक सवाल के जवाब में हुमायूं कबीर ने कहा कि दोनों नेता एक ही पार्टी के चुनाव चिह्न पर चुनाव जीते थे. आज वह किस मकसद से यह मुद्दा उठा रही हैं और स्पीकर को पत्र क्यों लिख रही हैं यह तो वही बेहतर बता सकती हैं.

उन्होंने कहा कि मैं संसद का सदस्य भी नहीं हूं, इसलिए मैं संसद के बारे में ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहता या उस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता, हालांकि उन्होंने कहा कि उन्हें जनता के बीच जाने दें, जनता ही तय करेगी कि सांसद जो कह रहे हैं वह सही है या नहीं.

उन्होंने कहा कि काकोली घोष और अन्य लोग दो महीने तक कहां थे. इस तरह की धोखेबाजी और बेईमानी नहीं होनी चाहिए. राजनीति में उनका करियर अपने आप खत्म हो जाएगा.

राम मंदिर चंदे के विवाद पर हुमायूं कबीर ने कहा कि यह राम भक्तों का पैसा है. इसकी जांच होनी चाहिए और कार्रवाई की जानी चाहिए.

ममता बनर्जी के चुनाव लड़ने का जिक्र करते हुए एजेयूपी प्रमुख ने कहा कि पूर्व सीएम को तय करना होगा कि वह चुनाव लड़ना चाहती हैं या नहीं. अगर उन्हें मेरे समर्थन की जरूरत होगी, तो मैं उनका समर्थन करूंगा. अगर वह रेजीनगर से चुनाव लड़ती हैं तो मैं उनकी जीत के लिए हरसंभव कोशिश करूंगा. अगर वह बशीरहाट से चुनाव लड़ती हैं और मेरा समर्थन मांगती हैं तो मैं उनके खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं उतारूंगा.

आईएएनएस

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