बारिश में दोमंजिला कच्चे मकान की छत गिरी; मां-बेटे की मौत, पति और दो बेटियां घायल

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सांकेतिक तस्वीर (आईएएनएस)

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बारिश में दोमंजिला कच्चे मकान की छत गिरी; मां-बेटे की मौत, पति और दो बेटियां घायल

 

ग्वालियर | मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा में बुधवार रात तेज बारिश के दौरान दोमंजिला कच्चे मकान की छत अचानक गिर गई. हादसे के समय कमरे में मौजूद परिवार के पांच सदस्य मलबे में दब गए. स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सभी को बाहर निकालकर डबरा सिविल अस्पताल पहुंचाया गया. हादसे में दो लोगों की मौत हो गई है.

जानकारी के अनुसार, हादसा जंगीपुरा इलाके में बुधवार रात साढ़े 11 बजे हुआ. मकान का हिस्सा गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे. परिवार के सदस्यों को मलबे में दबा देखकर लोगों ने तत्काल राहत-बचाव कार्य शुरू किया और पुलिस को सूचना दी. डबरा सिटी पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर मलबा हटाकर सभी को बाहर निकाला.

इसके बाद घायलों को डबरा सिविल अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में दो वर्षीय आदित्य ने दम तोड़ दिया. वहीं, उसकी मां सीमा की इलाज के दौरान मौत हो गई. सीमा के पति जागेंद्र रजक (38) और उनकी बेटियां वैशाली (5) व रागिनी (8) घायल हैं. तीनों का ग्वालियर में इलाज चल रहा है. हादसे की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में परिजन और स्थानीय लोग अस्पताल पहुंचे.

परिजनों ने अस्पताल में इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया. पड़ोसी वीरू रजक ने आरोप लगाया कि जब सीमा को अस्पताल लाया गया था, तब उनकी सांसें चल रही थीं. उनका कहना था कि अगर समय पर बेहतर इलाज मिलता तो सीमा की जान बचाई जा सकती थी.

हंगामे की सूचना पर एसडीएम नवकिरण कौर, एसडीओपी सौरभ कुमार और तहसीलदार नवीन भारद्वाज अस्पताल पहुंचे. अधिकारियों ने परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी. एसडीएम ने मामले की जांच कराने और जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया. उन्होंने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने की बात भी कही.

जानकारी के अनुसार, जागेंद्र रजक ग्वालियर की एक जूता फैक्ट्री में काम करते हैं और रोजाना ट्रेन से आना-जाना करते हैं. उनकी पत्नी सीमा झाड़ू-पोंछे का काम करती थीं. आर्थिक रूप से कमजोर परिवार करीब 15 साल से इसी जर्जर मकान में किराये पर रह रहा था.

जागेंद्र के भाई राघवेंद्र रजक ने बताया कि दोनों भाई आसपास ही रहते हैं. जागेंद्र की दो बेटियां नैंसी और गौरी हादसे के समय चाचा के घर पर थीं. इसी वजह से दोनों सुरक्षित बच गईं. बारिश के दौरान मकान का हिस्सा गिरने से परिवार पर अचानक आफत टूट पड़ी है.

 

By IANS

 

ग्वालियर में बारिश में दोमंजिला कच्चे मकान की छत गिरी; मां-बेटे की मौत, पति और दो बेटियां घायल

 

अस्वीकरण: यह लेख समाचार एजेंसी IANS द्वारा लिखा गया है. TheHindiPost.In ने इसे न तो लिखा, न संपादित किया है और न ही स्वतंत्र रूप से सत्यापित किया है. TheHindiPost.In इस लेख में दी गई जानकारी के लिए किसी भी प्रकार की जिम्मेदारी नहीं लेता है.

 


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