लोकसभा से राज्यसभा तक क्या है सीटों का गणित, परिसीमन बिल पास कराने के लिए कितने वोट जरूरी?

Narendra Modi and Amit Shah IANS

फाइल फोटो | आईएएनएस

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लोकसभा से राज्यसभा तक क्या है सीटों का गणित, परिसीमन बिल पास कराने के लिए कितने वोट जरूरी?

 

संसद के मॉनसून सत्र को समाप्त होने में महज चार दिनों का समय शेष रह गया है और परिसीमन, विदेश अंशदान (विनियमन) अधिनियम (FCRA) जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण विधेयकों को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है. सोमवार की लोकसभा कार्यसूची में इनमें से कोई भी बिल शामिल नहीं है.

FCRA बिल पर क्यों थमे कदम?

बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक में सत्र के शेष एजेंडे को अंतिम रूप दिया जाना है. शुरुआती एजेंडे में चार नए विधेयक शामिल हैं लेकिन विवादित FCRA संशोधन बिल को फिलहाल होल्ड पर रखे जाने के संकेत हैं. दरअसल, कांग्रेस समेत समूचे विपक्ष ने परिसीमन और FCRA बिल का कड़ा विरोध किया है. हालांकि, सरकार द्वारा वार्ता किए जाने के बाद कुछ विपक्षी दलों के रुख में नरमी के संकेत है.

माना जा रहा है कि केंद्र सरकार परिसीमन और महिला आरक्षण जैसे विधेयकों पर सर्वसम्मति बनाने के लिए द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (DMK) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी – शरदचंद्र पवार (NCP-SCP) का समर्थन हासिल करना चाहती है. चूंकि DMK और सुप्रिया सुले की अगुवाई वाली NCP(SCP) FCRA के कड़े प्रावधानों का विरोध कर रही हैं, इसलिए सरकार रणनीति के तहत FCRA बिल पर अपने रुख को थोड़ा धीमा कर रही है.

द्रमुक (DMK) का कड़ा विरोध

DMK नेता उदयनिधि स्टालिन पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि उनकी पार्टी परिसीमन विधेयक का समर्थन नहीं करेगी.

संसद में क्या है सीटों का अंकगणित?

लोकसभा के 540 वर्तमान सदस्यों की उपस्थिति में किसी भी संवैधानिक संशोधन या विशेष विधेयक को पारित कराने के लिए 360 वोटों (दो-तिहाई बहुमत) की आवश्यकता होगी.

लोकसभा: वर्तमान में सत्तारूढ़ NDA के पास 319 सांसदों का समर्थन है (जिसमें तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी और शिवसेना के 6 सांसद शामिल हैं). YSR कांग्रेस के समर्थन से यह आंकड़ा 324 पहुंचता है. यदि DMK (22 सांसद) पक्ष में वोट देती है तो NDA 346 के आंकड़े तक पहुंच जाएगा और उसे बहुमत के लिए केवल 14 अतिरिक्त वोटों की दरकार होगी. यदि DMK वोटिंग का बहिष्कार (वॉकआउट) करती है तो सदन की प्रभावी संख्या 518 रह जाएगी, जहां दो-तिहाई बहुमत के लिए 345 वोटों की जरूरत होगी.

राज्यसभा: उच्च सदन में भाजपा के नेतृत्व वाले NDA के पास 154 सांसद हैं. अगर YSR कांग्रेस के 4 सांसद NDA को समर्थन देते है तो दो-तिहाई बहुमत हासिल करने के लिए महज 6 और अतिरिक्त वोटों की आवश्यकता होगी.

 

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