वेनेजुएला में हुए धमाकों ने बढ़ाया वैश्विक तनाव, अमेरिका के हमले के पीछे की असली वजह क्या है?

venezuela

फोटो क्रेडिट : आईएएनएस

The Hindi Post

वेनेजुएला में हुए धमाकों ने बढ़ाया वैश्विक तनाव, अमेरिका के हमले के पीछे की असली वजह क्या है?

 

वेनेजुएला की राजधानी काराकास के पश्चिमी हिस्से में स्थित फॉर्चुना और ला कार्लोटा सैन्य अड्डों के पास कई धमाके हुए हैं. इसके अलावा एयरपोर्ट क्षेत्र में भी विस्फोट की खबरें सामने आई हैं. इन धमाकों के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं.

जानकारी के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर लगातार दबाव बना रहे थे. 29 दिसंबर को अमेरिका ने दावा किया था कि उसकी सेना ने वेनेजुएला के एक डॉकिंग एरिया पर स्ट्राइक की है.

असल में अमेरिका लंबे समय से वेनेजुएला पर आरोप लगाता रहा है कि वहां से बड़े पैमाने पर अमेरिका में ड्रग्स की तस्करी की जा रही है. एक कदम आगे बढ़ते हुए अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति पर भी सीधे आरोप लगाए हैं. अमेरिकी सेना सितंबर से अब तक कई बार वेनेजुएला की ड्रग बोट्स को निशाना बनाने का दावा कर चुकी है. इन हमलों में अब तक करीब 105 लोगों की मौत की बात कही जा रही है.

हालांकि मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि अमेरिका बिना पुख्ता सबूतों के निर्दोष लोगों को निशाना बना रहा है. वहीं वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो का कहना है कि उनके देश पर लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह झूठे और निराधार हैं.

अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव का एक बड़ा कारण तेल भी है. दोनों देशों के बीच यह विवाद कई दशकों से चला आ रहा है. साल 1976 में वेनेजुएला की सरकार ने अपने पूरे तेल उद्योग का राष्ट्रीयकरण कर दिया था. इसका सीधा मतलब यह था कि विदेशी तेल कंपनियों-चाहे वे अमेरिकी ही क्यों न हों—जैसे एक्सॉन, गल्फ ऑयल और मोबिल, के सभी ऑपरेशन वेनेजुएला की सरकारी कंपनी पेट्रोलियोस डी वेनेजुएला (PDVSA) के अधीन आ गए.

इस फैसले के बाद अमेरिकी कंपनियों के लिए वेनेजुएला में तेल निकालना काफी मुश्किल हो गया. हालांकि वेनेजुएला का दावा है कि यह प्रक्रिया अंतर्राष्ट्रीय नियमों के तहत की गई थी, लेकिन कई विदेशी कंपनियां इससे नाखुश रहीं.

समझने वाली बात यह भी है कि वेनेजुएला की राजनीति में अमेरिका का दखल लंबे समय से विवाद का विषय रहा है. देश की राजनीतिक गलियारों में यहां तक कहा जाता है कि अमेरिका वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन की साजिश रच सकता है. हाल के महीनों में कैरेबियाई क्षेत्र में अमेरिका ने अपनी सैन्य मौजूदगी भी बढ़ा दी है. इस क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना का शक्तिशाली यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड एयरक्राफ्ट कैरियर भी सक्रिय रूप से तैनात है.

 


The Hindi Post
error: Content is protected !!