ग्रामीण विकास और उद्योग पर जोर, यूपी बजट को कानपुर के उद्योग जगत का समर्थन
उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बुधवार (11 फरवरी) को बजट पेश किया. इस बजट में अवस्थापना, औद्योगिक विकास, एमएसएमई, आईटी, सड़क, सिंचाई और ग्रामोद्योग क्षेत्रों के लिए बड़े वित्तीय प्रावधान किए गए हैं. बजट में पूंजीगत निवेश के जरिए रोजगार सृजन और औद्योगिक विस्तार पर विशेष बल दिया गया है.
यह बजट कैसा है इस पर कानपुर के उद्यमियों ने अपनी राय रखी है.
प्रोविंसियल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष, अतुल सेठ ने कहा, “उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट की मूल भावना यह है कि जब गांव खुशहाल होंगे तभी किसान सक्षम होगा और तभी राज्य व देश की अर्थव्यवस्था मजबूत बनेगी. सरकार ने इसी सोच को केंद्र में रखकर यह बजट तैयार किया है. इसमें ग्रामीण खुशहाली को विकास की बुनियाद माना गया है.”
उन्होंने आगे कहा, “इस बजट में साफ दिखाई देता है कि सरकार गांवों में ही काम, रोजगार और उद्योग के अवसर पैदा करना चाहती है ताकि किसान और ग्रामीण युवा आत्मनिर्भर बन सकें. सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSME) तथा छोटे व्यापारियों को प्रोत्साहन देने पर विशेष ध्यान दिया गया है. यह बजट निश्चित रूप से MSME और छोटे व्यापारियों के लिए एक औषधि की तरह काम करेगा. यह उन्हें स्थिरता और आगे बढ़ने की ताकत देगा. विशेष रूप से खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को जो सीधे किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ा है. फल, सब्जी, अनाज, मिलेट, मसाले और पारंपरिक खाद्य उत्पादों के प्रसंस्करण को बढ़ावा मिलने से किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और गांवों में ही रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.”
प्रोविंसियल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के कानपुर नगर अध्यक्ष, विनय अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार की सोच यह है कि कच्चा माल गांव से बाहर भेजने के बजाय, उसे गांव में ही तैयार उत्पाद में बदला जाए जिससे उसकी कीमत बढ़े और उसका लाभ किसान, स्थानीय उद्यमी और ग्रामीण श्रमिक को मिले. उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों के दूरगामी परिणाम ग्रामीण आय, रोजगार और भारतीय अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक रूप से दिखाई देंगे.
उन्होंने आगे कहा, “कुल मिलाकर यह बजट ग्रामीण भारत को सशक्त बनाकर उत्तर प्रदेश और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक व्यावहारिक और दूरदर्शी कदम है.”
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