युद्ध के बीच ईरान ने बना डाले घातक हथियार, अमेरिका और इजराइल के खड़े हुए कान
सांकेतिक तस्वीर (फोटो क्रेडिट : आईएएनएस)
युद्ध के बीच ईरान ने बना डाले घातक हथियार, अमेरिका और इजराइल के खड़े हुए कान
युद्धविराम टूटने की आशंकाओं के बीच ईरान ने दावा किया है कि अमेरिका और इजरायल के साथ हालिया संघर्ष के दौरान उसने अपनी सैन्य क्षमताओं को और मजबूत कर लिया है. ईरानी सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरमिनिया के मुताबिक, युद्ध के बीच ही ‘अरश-2’ से भी अधिक उन्नत और घातक नई पीढ़ी के ड्रोन व मिसाइल प्रणालियों को सफलतापूर्वक तैनात कर दिया गया है.
ट्रंप की सख्त चेतावनी और बढ़ता क्षेत्रीय तनाव
यह दावा ऐसे समय में आया है जब होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर हुए हमलों और जवाबी कार्रवाइयों के कारण पाकिस्तान की मध्यस्थता से 15 जून को हुए 14-सूत्रीय समझौते (MOU) पर संकट मंडरा रहा है. अमेरिका ने जहां ईरानी ठिकानों पर नए हमले किए हैं, वहीं ईरान ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी बेस को निशाना बनाया है.
दोनों पक्षों द्वारा एक-दूसरे पर समझौते के उल्लंघन के आरोपों के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान को खुली चेतावनी दी है. ट्रंप ने लिखा कि यदि सैन्य शक्ति का इस्तेमाल करना पड़ा तो ईरान का इस्लामी गणराज्य अस्तित्व में नहीं रहेगा. इसके पलटवार में ईरान के मेजर जनरल मोहसेन रेजाई ने भी किसी भी उल्लंघन पर त्वरित और निर्णायक सैन्य जवाब देने की बात कही है.
लेबनान में नई हिंसा से बिगड़े हालात
इस बीच, लेबनान में जारी इजरायली हमलों ने तनाव को और बढ़ा दिया है. इसे ईरान समझौते का सीधा उल्लंघन मान रहा है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि वाशिंगटन (अमेरिका) की यह जिम्मेदारी है कि वह लेबनान में इजरायल के सैन्य अभियानों पर तुरंत रोक लगवाए.
हिंदी पोस्ट डॉट इन
ईरान का बड़ा दावा: युद्ध के बीच बढ़ा ली सैन्य ताकत; ट्रंप की चेतावनी से अमेरिका-ईरान समझौते पर गहराया संकट
