दिल्ली में कार ब्लास्ट करने वाले आतंकी की पहचान हुई, धमाके से पहले मस्जिद गया था उमर उन नबी
नई दिल्ली | लाल किला विस्फोट मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. जांच अधिकारियों ने पुष्टि की है कि फरीदाबाद (हरियाणा) स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी का वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. उमर मोहम्मद ही उस i20 कार को चला रहा था जिसमें ब्लास्ट हुआ था. यह धमाका लाल किले के पास हुआ था. इस आतंकी हमले में आठ लोगों की मौत हो गई थी और कम से कम 20 लोग घायल हो गए थे.
दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार, डीएनए परीक्षण ने उमर की पहचान पूरी तरह सुनिश्चित कर दी है. दरअसल, उमर की मां और भाई से लिए गए सैंपलों का मिलान कार के भीतर से मिले अवशेषों से निकाले गए डीएनए से किया गया. डॉ उमर और उसकी मां का सैंपल 100 परसेंट मैच कर गया है. इससे यह स्पष्ट हो गया कि विस्फोट के समय वाहन में उमर मौजूद था.
डीएनए परीक्षण से यह भी पुष्टि होती है कि लाल किले के पास विस्फोट करने वाला व्यक्ति डॉ उमर उन नबी ही था.
इस मामले में एक और खुलासा हुआ है. दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार, लाल किला विस्फोट के आरोपी डॉक्टर मुजम्मिल, डॉक्टर अदील और डॉ शाहीन ने मिलकर लगभग 20 लाख रुपए इकट्ठा किए थे जो उन्होंने डॉ उमर को दे दिए थे. डॉ उमर और डॉ मुजम्मिल के बीच पैसों को लेकर भी कुछ विवाद हुआ था.
बाद में उन्होंने हरियाणा के गुरुग्राम, नूंह और आसपास के इलाकों से लगभग 3 लाख रुपए मूल्य का कई क्विंटल एनपीके उर्वरक खरीदा था जिसका इस्तेमाल आईईडी बनाने के लिए किया गया था.
पुलिस सूत्रों ने बताया कि लाल किला के नजदीक धमाका करने से पहले डॉ उमर एक मस्जिद में भी गया था. वह वहां करीब 10 मिनट से ज्यादा समय तक रुका था.
इसके बाद वह लाल किले की तरफ चला गया था. 10 नवंबर की शाम करीब 7 बजे डॉ उमर ने अपने को गाड़ी समेत उड़ा दिया. इससे कई लोगों की जान चली गई.
