“कंगना ऐसी महिला है जिसे गांधी, भगत सिंह की शहादत मज़ाक़ लगती है…! इसको पुरस्कार की नही इलाज की ज़रूरत है!”

Kangana
The Hindi Post

नई दिल्ली | दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद को पत्र लिखकर कंगना रनौत से पद्मश्री सम्मान वापस लेने और अभिनेत्री के खिलाफ देशद्रोह के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। कंगना रनौत ने हाल ही में एक टीवी शो में भारत की स्वतंत्रता को लेकर बयान दिया था कि भारत ने 1947 में ‘भीख’ के रूप में स्वतंत्रता हासिल की थी।

डीसीडब्ल्यू प्रमुख ने राष्ट्रपति से इन टिप्पणियों पर तत्काल संज्ञान लेने के लिए कहा, जो न केवल देश के लिए अपमानजनक हैं, बल्कि हमारे स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा किए गए बलिदानों की पूरी तरह से अवहेलना और उनका बुरी तरह से अपमान करती हैं।

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पत्र में मालीवाल ने लिखा, हमारे महान स्वतंत्रता सेनानियों जैसे महात्मा गांधी, भगत सिंह और अनगिनत अन्य लोगों ने हमारे राष्ट्र को स्वतंत्रता दिलाने के लिए अपने प्राणों की आहुति दी है। हम सभी जानते हैं कि हमारे देश को हमारे स्वतंत्रता सनोनियों के बलिदानों और शहादत के माध्यम से ही ब्रिटिश शासन से आजादी मिली थी। रनाउत के बयानों ने लाखों भारतीयों की भावनाओं को आहत किया है और ये बयान देशद्रोह है।

इस मसले पर स्वाति मालीवाल ने ट्वीट कर भी कंगना रनौत के बयानों पर अपनी आपत्ति जाहिर की, उन्होंने कहा, मैंने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जी को लिखा है कि कंगना रनौत जैसा कोई व्यक्ति जो हमारे स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा किए गए सर्वोच्च बलिदान को मजाक समझता है, उस पे करवाई होनी चाहिए।

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भारतीय स्वतंत्रता को ‘भीख’ कहनी वाली कंगना पद्माश्री की हकदार बिलकुल भी नहीं है। मैंने राष्ट्रपति से अभिनेत्री से पद्म श्री को तुरंत वापस लेने और उनके खिलाफ देशद्रोह के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए कहा है।

आईएएनएस

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