ओमिक्रॉन को बेअसर करने में सक्षम कोवैक्सीन की बूस्टर डोज: भारत बायोटेक का दावा

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नई दिल्ली | भारत बायोटेक ने बुधवार को कहा कि कोवैक्सीन का बूस्टर डोज कोविड-19 के ओमिक्रॉन वेरिएंट को बेअसर करने में कारगर है। बुधवार को कंपनी की ओर से एक बयान में बताया गया कि अमेरिका के एमोरी विश्वविद्यालय (Emory Vaccine Center) में किए गए एक अध्ययन के मुताबिक, कोवैक्सीन की बूस्टर खुराक नए वेरिएंट को बेअसर करने में सक्षम है।

इससे पहले के अध्ययनों ने अल्फा, बीटा, डेल्टा, जेटा और कप्पा जैसे अन्य चिंताजनक सार्स-सीओवी-2 वैरिएंट के खिलाफ कोवैक्सीन की बेअसर करने की क्षमता का प्रदर्शन किया है।

हैदराबाद की दवा कंपनी ने एक बयान में कहा, नए अध्ययन ने उन सब्जेक्ट्स से सीरा (Sera) का प्रदर्शन किया, जिन्हें कोवैक्सीन (बीबीवी152) की प्राथमिक दो-खुराक प्राप्त करने के छह महीने बाद कोवैक्सीन की बूस्टर खुराक मिली है और इस तरह से इसने सार्स-सीओवी-2 ओमिक्रॉन और डेल्टा वेरिएंट को बेअसर कर दिया।

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भारत बायोटेक ने इससे पहले शनिवार को कहा था कि कोरोना के खिलाफ बूस्टर डोज के रूप में भी कोवैक्सीन काफी असरदार है। कंपनी ने कहा कि वैक्सीन, बूस्टर डोज के तौर पर कोरोना से लंबी सुरक्षा देगा, जिसके शानदार नतीजे ट्रायल के दौरान दिखे हैं।

भारत बायोटेक ने कहा है कि कोवैक्सीन की बूस्टर खुराक सुरक्षित है और इम्युनिटी बनाने में सफल साबित हुई है। कोवैक्सीन ने दीर्घकालिक सुरक्षा का प्रदर्शन किया है। 90 प्रतिशत बूस्टर डोज लेने वालो में कोरोना के वाइट टाइप स्ट्रेन (दूसरी खुराक के छह महीने बाद) के खिलाफ एंटीबाडी प्रतिक्रिया भी देखी गई है।

एमोरी वैक्सीन सेंटर के सहायक प्रोफेसर और प्रयोगशाला विश्लेषण का नेतृत्व करने वाले मेहुल सुथर ने कहा, इस प्रारंभिक विश्लेषण के डेटा से पता चलता है कि कोवैक्सीन की बूस्टर खुराक प्राप्त करने वाले व्यक्तियों में ओमिक्रॉन और डेल्टा दोनों वेरिएंट्स के लिए एक महत्वपूर्ण प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया होती है। इन निष्कर्षों से पता चलता है कि बूस्टर खुराक में रोग की गंभीरता और अस्पताल में भर्ती होने की क्षमता को कम करने की क्षमता है।

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भारत बायोटेक के अनुसार, विशिष्ट रूप से तैयार एक ही खुराक वयस्कों और बच्चों को समान रूप से दी जा सकती है। कोवैक्सीन एक रेडी-टू-यूज (ready to use), लिक्विड (liquid) वैक्सीन है, जिसे 2-8 डिग्री सेल्सियस पर संग्रहीत किया जा सकता है। इसकी 12 महीने की शेल्फ लाइफ है।

ओमिक्रॉन के मद्देनजर, कई देशों ने बढ़ते संक्रमण से निपटने के लिए तीसरी बूस्टर खुराक शुरू की है। भारत ने भी 10 जनवरी से स्वास्थ्य कर्मियों और बुजुर्गों के लिए एहतियाती खुराक यानी बूस्टर डोज शुरू की है।

आईएएनएस

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