लोकसभा सांसद और पुलिस के बीच हुई नोकझोंक, जमकर हुई धक्का-मुक्की, फिर होने लगी दौड़, क्या है यह मामला, देखें VIDEO
लोकसभा सांसद और पुलिस के बीच हुई नोकझोंक, जमकर हुई धक्का-मुक्की, फिर होने लगी दौड़, क्या है यह मामला, देखें VIDEO
नई दिल्ली/गाजियाबाद | उत्तर प्रदेश के मेरठ के सरधना में एक महिला की हत्या और उनकी बेटी के अपहरण के बाद विपक्षी दल उत्तर प्रदेश सरकार की कड़ी आलोचना कर रहे है. जहां एक तरफ पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए विपक्षी नेताओं का जमावड़ा लग रहा है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा और शांति व्यवस्था का हवाला देते हुए नेताओं की सरधना में एंट्री पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है.
इस बीच पुलिस ने मेरठ हत्याकांड में दलित परिवार से मिलने जा रहे नगीना के सांसद और भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद को रोकने के लिए यूपी गेट पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया. सांसद आजाद जब यूपी गेट पहुंचे तो पुलिस ने उनको रोक लिया. इस दौरान दोनों में काफी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई लेकिन वो पुलिस सुरक्षा को चकमा देने में कामयाब रहे. सांसद चंद्रशेखर आजाद मेरठ के कपसाड़ गांव के लिए रवाना हो गए.
इस मूवमेंट की सूचना पर गाजियाबाद पुलिस ने दौड़ भी लगाई लेकिन पुलिस सांसद को नहीं रोक पाई. वह उस दलित महिला के परिवार से मिलने मेरठ जा रहे हैं जिसकी कथित तौर पर अपनी बेटी को बचाते समय हत्या कर दी गई थी और बाद में बेटी को कथित तौर पर अगवा कर लिया गया था.
चंद्रशेखर असली हीरो है इस देश का
गाजीपुर बॉर्डर पर चंद्रशेखर को रोकने के लिए पुलिस तैनात हो गई तो पुलिस को चकमा देते हुए चंद्रशेखर दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस पेपर दौड़ने लगे
ताकि वह उस दलित महिला के परिवार से मिल सके जिसकी हत्या कर दी गई और उसकी बेटी का अपहरण कर दिया गया. pic.twitter.com/h5QjCR68Nn— Kavish Aziz (@azizkavish) January 10, 2026
इस बीच समाजवादी पार्टी के नेता योगेश वर्मा ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “यह घटना बहुत दर्दनाक और चौंकाने वाली है. इसने जिले के पूरे दलित समुदाय को हिला दिया है. ऐसे क्रूर काम पर कार्रवाई होनी चाहिए और सरकार को जिम्मेदार लोगों को सबक सिखाना चाहिए. इस तरह की अराजकता को रोकना होगा. अब तक प्रशासन को बुलडोजर लेकर आरोपियों के घरों तक पहुंच जाना चाहिए था.”
मेरठ पुलिस के अनुसार, जिले के कपसाड़ गांव में अपराधियों ने एक 20 साल की लड़की का अपहरण किया था. इस दौरान, 50 साल की महिला ने अपनी बेटी को बचाने की कोशिश की लेकिन अपराधियों ने उस पर धारदार हथियार से हमला कर दिया. बाद में महिला की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई.
इस घटना से इलाके में गुस्सा फैल गया है. पुलिस ने आरोपियों की पहचान पारस सोम और सुनील कुमार के रूप में की है. बताया जा रहा है कि दोनों उसी गांव के रहने वाले हैं. फिलहाल, पुलिस आरोपियों और अगवा की गई लड़की की तलाश में जुटी है.
IANS
