बुलंदशहर हाईवे पर मां-बेटी से गैंगरेप केस: दरिंदगी की वो कहानी जिसने समाज को झकझोर दिया…, कोर्ट ने हैवानों को दी ये सजा….

Court Gavel AI Photo ChatGPT Image Oct 28, 2025, 02_35_27 PM (1)

सांकेतिक तस्वीर (AI Photo - ChatGPT)

The Hindi Post

बुलंदशहर हाईवे पर मां-बेटी से गैंगरेप केस: दरिंदगी की वो कहानी जिसने समाज को झकझोर दिया…, कोर्ट ने हैवानों को दी ये सजा….

 

बुलंदशहर के अलीगढ़-गाजियाबाद हाईवे स्थित दोस्तपुर फ्लाई ओवर के पास मां-बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म एवं लूटपाट मामले के दोषियों को आजीवन कारावास की सजा हुई है.

विशेष पाक्सो कोर्ट के न्यायाधीश ने पांचों दोषियों को सजा सुनाई है. शुरुआती जांच में 11 आरोपितों के नाम सामने आए थे. दो आरोपित पुलिस मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं, तीन को सीबीआई ने क्लीनचिट दे दी थी. एक की सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी.

विशेष लोक अभियोजक वरुण कौशिक ने बताया कि नोएडा का परिवार 29 जुलाई, 2016 की रात कार से शाहजहांपुर स्थित रिश्तेदारी में गमी में शामिल होने जा रहा था. कार में 14 वर्षीय किशोरी और उसकी मां सहित परिवार के छह लोग थे.

हाईवे पर दोस्तपुर फ्लाई ओवर के पास कार के सामने रॉड फेंककर सशस्त्र बदमाशों ने रोक लिया था. सभी को खेत में ले जाकर बंधक बना लिया, लूटपाट करने के बाद मां और नाबालिग बेटी के साथ दूसरे खेत में सामूहिक दुष्कर्म किया था.

शुरुआती जांच में पुलिस ने जुबेर उर्फ परवेज, सलीम उर्फ दीवानजी उर्फ बीना, साजिद, रहीसुद्दीन, जावेद उर्फ सावेज और जबर सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा था. घटना सुर्खियों में आने के बाद दिल्ली से लेकर लखनऊ तक सियासी घमासान शुरू हो गया था. पुलिस पर लापरवाही के आरोप भी लगे थे.

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भी मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए 12 अगस्त, 2016 को जांच पुलिस से हटाकर सीबीआइ को सौंप दी थी. सीबीआइ ने 19 अगस्त, 2016 को जांच शुरू की. पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर रहीसुद्दीन, जावेद और जबर सिंह को क्लीन चिट दे दी थी.

इसी बीच हरियाणा की नूंह पुलिस ने लूटपाट के एक मामले में बावरिया गिरोह के सदस्य धर्मवीर उर्फ राका, जितेंद्र, नरेश उर्फ संदीप उर्फ राहुल, सुनील उर्फ सागर और असलम उर्फ अजय उर्फ कालिया को गिरफ्तार किया था. इन लोगों ने बुलंदशहर में लूटपाट और मां-बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया था. असलम हरियाणा का इनामी पुलिस की मुठभेड़ में मारा गया था.

सीबीआई जांच में सामने आए आरोपित बंटी उर्फ बबलू को नोएडा एसटीएफ ने तीन जुलाई, 2020 को मुठभेड़ में ढेर किया था. सीबीआई ने जुबेर, सलीम, साजिद, नरेश, सुनील और धर्मवीर के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था.

सुनवाई के दौरान आरोपित सलीम की बीमारी के चलते बुलंदशहर जेल में मौत हो गई थी. मामला सुनवाई के लिए विशेष पाक्सो कक्ष संख्या पांच की अदालत में पहुंचा. शनिवार को न्यायाधीश ने नरेश, धर्मवीर, सुनील, जुबेर और साजिद को दोषी करार देते सोमवार को सजा सुनाने का ऐलान किया था.


The Hindi Post
error: Content is protected !!