बिहार में मृत डॉक्टर बने सिविल सर्जन, विधानसभा में हंगामा

Mangal Pandey

𝐏𝐢𝐜 𝐂𝐫𝐞𝐝𝐢𝐭:𝐈𝐀𝐍𝐒

The Hindi Post

पटना | बिहार में स्वास्थ्य विभाग का नया कारनामा सामने आया है, जब मृत चिकित्सक को सिविल सर्जन के रूप में स्थानांतरित करते हुए शेखपुरा जिले का सिविल सर्जन के रूप में पदस्थापित कर दिया गया। इस मामले के सामने आने के बाद विधानमंडल के दोनों सदनों में विपक्ष ने जोरदार ढंग से उठाया, जिसके बाद स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय को सफाई देनी पड़ी।

बिहार में सोमवार को स्वास्थ्य विभाग के कई पदाधिकारियों और चिकित्सकों का स्थनातंरण किया गया था। जारी अधिसूचना के मुताबिक, डॉ. रामनारायण राम को शेखपुरा का सिविल सर्जन बनाया गया है, लेकिन डॉ. राम का करीब एक महीना पहले निधन हो गया है। वे प्राथमिक चिकित्सका केंद्र, विक्रमगंज, रोहतास में पदस्थापित थे।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

इस मामले के सामने आने के बाद यह मामला मंगलवार को विधानमंडल के दोनों सदनों विधानसभा और विधान परिषद में गूंजा। विधानसभा में राजद के विधायक राकेश रौशन ने इस मामले को उठाते हुए इसे गंभीर मामला बताया। विधान परिषद में भी राजद के विधायक ने इस मामले को उठाया।

विधान परिषद में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने सफाई देते हुए कहा कि स्थानांतरण की प्रक्रिया लंबी है। इसकी संचिका बनाने में करीब एक महीने का समय लग जाता है। उन्होंने कहा कि यह मामला गंभीर है और इसकी जानकारी मिलने के बाद स्थानांतरण प्रक्रिया में शामिल जिम्मेदार अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने कहा उनका जवाब आने के बाद, जो भी दोषी पाया जाएगा उस पर कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने यह भी बताया कि श्ेाखपुरा जिले में दूसरे सिविल सर्जन की नियुक्ति कर दी गई है।

इधर, राजद इस मामले को लेकर सरकार को घेरने में जुटी है। राजद के विधायक मुकेश रौशन ने कहा कि मृत डॉक्टर को सिविल सर्जन के रूप में पदस्थापित करना बताता है कि राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।

-आईएएनएस

हिंदी पोस्ट अब टेलीग्राम (Telegram) और व्हाट्सप्प (WhatsApp) पर है, क्लिक करके ज्वाइन करे


The Hindi Post

You may have missed

error: Content is protected !!