होर्मुज में तनाव के बीच कितने भारतीय जहाज सुरक्षित निकल आए और कितने अभी भी फंसे है, विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी

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फोटो क्रेडिट : आईएएनएस

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होर्मुज में तनाव के बीच कितने भारतीय जहाज सुरक्षित निकल आए और कितने अभी भी फंसे है, विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी

 

नई दिल्ली |  विदेश मंत्रालय (एमईए) ने गुरुवार को कहा कि पिछले कुछ हफ्तों में 14 भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर चुके हैं, जबकि 14 जहाज अभी भी पर्शियन गल्फ में मौजूद हैं.

एमईए के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नई दिल्ली में साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा, “पिछले कुछ हफ्तों में दस भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से बाहर निकल चुके हैं. वहीं, 14 भारतीय जहाज अभी भी पर्शियन गल्फ में हैं.”

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और उसके आसपास का इलाका अब भी तनाव में है. यह एक बहुत अहम समुद्री रास्ता है, जहां से दुनिया के करीब वन फिफ्थ तेल व्यापार होता है. पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बाद से यहां स्थिति और संवेदनशील हो गई है.

ईरान ने बुधवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक जहाज पर हमला किया, जो भारत के मुंद्रा पोर्ट की ओर जा रहा था. यह हमला उस वक्त हुआ जब कुछ ही घंटे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अनिश्चितकालीन युद्धविराम की घोषणा की थी.

यह उन दो जहाजों में से एक था, जिन पर ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स नेवी (आईआरजीसी-एन) ने हमला कर कब्जा करने का दावा किया. ईरान के सरकारी चैनल प्रेस टीवी के मुताबिक, इन जहाजों के नाम मएससी फ्रांसेस्का और एपामिनोंडास हैं.

शिप ट्रैकिंग वेबसाइट्स के अनुसार, लाइबेरिया के झंडे वाला एपामिनोंडास जहाज दुबई के जेबेल अली पोर्ट से गुजरात के मुंद्रा की ओर जा रहा था. इसे गुरुवार को मुंद्रा पहुंचना था.

एक अन्य वेबसाइट के मुताबिक, यह जहाज ग्रीस की कंपनी कालमार मैरीटाइम एलएलसी का है.

शनिवार को भी ईरान ने दो भारतीय जहाजों पर हमला किया था, जिन्हें इस रास्ते से गुजरने की अनुमति मिली हुई थी.

इस घटना के बाद भारत ने ईरान के सामने कड़ा विरोध जताया. भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली को विदेश मंत्रालय ने बुलाकर इस मुद्दे पर बात की.

इस बैठक में भारत ने अपनी गहरी चिंता जाहिर की और कहा कि भारतीय जहाजों पर हुई फायरिंग बेहद गंभीर मामला है.

एमईए के बयान में कहा गया, “विदेश सचिव ने साफ कहा कि भारत के लिए अपने जहाजों और नाविकों की सुरक्षा बहुत अहम है. उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पहले ईरान ने कई भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिया था.”

उन्होंने ईरान से कहा कि वह इस मामले को गंभीरता से ले और जल्द से जल्द भारत जाने वाले जहाजों की सुरक्षित आवाजाही फिर से शुरू करे.

आईएएनएस

होर्मुज में तनाव के बीच 14 भारतीय जहाज सुरक्षित निकले, 14 अब भी फंसे: एमईए


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