धर्मेंद्र प्रधान के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के निशाने पर आ गए ये भाजपा सांसद, मांगा गया इस्तीफा

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फोटो: आईएएनएस

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धर्मेंद्र प्रधान के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के निशाने पर आ गए ये भाजपा सांसद, मांगा गया इस्तीफा

 

बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के अध्यक्ष और भाजपा के राज्यसभा सांसद मनन कुमार मिश्रा के एक आदेश ने गुरुवार को देश में हलचल पैदा कर दी. BCI ने प्रारंभिक आदेश में हैदराबाद स्थित NALSAR यूनिवर्सिटी के 2026 बैच के छात्रों के वकील के रूप में एनरोलमेंट पर रोक लगाने की बात कही थी. हालांकि, चौतरफा विरोध और आलोचना के बाद BCI ने कदम पीछे खींचते हुए आदेश वापस ले लिया और स्पष्ट किया कि किसी भी छात्र का एनरोलमेंट नहीं रोका जाएगा.

CJI के विरोध से शुरू हुआ पूरा विवाद

NALSAR के छात्रों ने यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किए जाने का विरोध किया था. इसके जवाब में BCI अध्यक्ष मनन मिश्रा ने सभी राज्य बार काउंसिलों को पत्र लिखकर NALSAR के 2026 बैच के छात्रों के एनरोलमेंट पर रोक लगाने का निर्देश जारी कर दिया. इससे यह विवाद राष्ट्रीय स्तर पर गहरा गया.

भाजपा सांसद मनन मिश्रा (फोटो: आईएएनएस)

सीजेपी (CJP) का कड़ा रुख और विरोध की चेतावनी

इस आदेश के सामने आते ही ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) ने तीखा हमला बोला.

बार काउंसिल के पहले वाले आदेश के तुरंत बाद कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दीपके ने हमला बोला. उन्होंने कहा कि क्या होगा अगर सभी लीगल कॉकरोच एक साथ आ जाएं? एक अन्य द्वीट में मनन मिश्रा पर तंज कसते हुए कहा कि वह राज्यसभा सीट का कर्ज अदा कर रहे हैं. तीसरे पोस्ट में अभिजीत दीपके ने मनन मिश्रा के इस्तीफे की मांग करने का संकेत दिया.

दीपके ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “मनन मिश्रा इस्तीफा दो का समय आ गया?”

वहीं, सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने एक्स पर पोस्ट किया, “बार काउंसिल ऑफ इंडिया का NALSAR के 2026 ग्रेजुएट हो रहे स्टूडेंट्स का एडवोकेट के तौर पर एनरोलमेंट रोकने का फैसला, ऐसा कहा जा रहा है क्योंकि उन्होंने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत को चीफ गेस्ट के तौर पर बुलाने का विरोध किया था. यह फैसला बहुत ज्यादा गलत, बहुत परेशान करने वाला और पहली नजर में सही नहीं है.”

दास ने आगे कहा, “स्टूडेंट्स को एक रस्मी न्योते पर असहमति जताने के लिए एक साथ सजा नहीं दी जा सकती. कॉकरोच जनता पार्टी इस आदेश की निंदा करती है. अगर चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा इस आदेश को तुरंत वापस नहीं लेते हैं तो सभी लॉ स्टूडेंट्स, एडवोकेट, सीनियर वकील और अच्छे इरादे वाले युवा कॉकरोच बार काउंसिल के ऑफिस और मिश्रा के ऑफिशियल घर के बाहर और अपने-अपने राज्यों में प्रोटेस्ट करेंगे.” इस पोस्ट के बाद मनन मिश्रा ने जानकारी दी कि यह आदेश वापस लिया जा चुका है.

 

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