पाकिस्तान के पूर्व अंपायर असद रऊफ का निधन, बैन लगने के बाद बेचने लगे थे जूते
लाहौर | पाकिस्तान के पूर्व अंपायर असद रऊफ का लाहौर में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया है। वह 66 वर्ष के थे। रऊफ, अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के एलीट पैनल में शामिल रहे थे।
उन्होंने 64 टेस्ट (49 मैदानी अंपायर के तौर पर और 15 टीवी अंपायर के तौर पर), 139 वनडे और 28 टी20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों में अंपायरिंग की थी। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के अध्यक्ष रमीज राजा ने गुरूवार को एक ट्वीट में उनके निधन की पुष्टि की।
रमीज राजा ने ट्वीट किया, “असद रऊफ के निधन की खबर जानकर बहुत दु:ख हुआ। न केवल वह एक अच्छे अम्पायर थे बल्कि उनके पास किसी को भी हंसा देने की क्षमता थी। वह हमेशा मेरे चेहरे पर मुस्कराहट ला देते थे… मेरी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं।”
Saddened to hear about passing of Asad Rauf. Not only was he a good umpire but also had a wicked sense of humour. He always put a smile on my face and will continue to do so whenever I think about him. Many sympathies with his family for their loss.
— Ramiz Raja (@iramizraja) September 15, 2022
सन 2000 के मध्य में रऊफ पाकिस्तान के सबसे बेहतरीन अंपायरों में से एक थे। इसके बाद उन्हें 2006 में आईसीसी के एलीट पैनल में चुन लिया गया था। उन्होंने अपने पहले टेस्ट में अंपायरिंग 2005 में की थी, जबकि सन 2000 में उन्होंने अपने पहले वनडे में अंपायरिंग की थी।
BCCI ने लगाया था बैन
लेकिन उनका करियर 2013 में तब समाप्त हो गया जब मुंबई पुलिस ने आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में उन्हें आरोपी बनाया। इस दौरान राउफ अंपारिंग कर रहे थे। राउफ ने आईपीएल सीजन खत्म होने से पहले ही भारत छोड़ दिया था और उसी वर्ष उन्होंने चैंपियंस ट्रॉफी से भी नाम वापस ले लिया था। उसी साल के अंत में उन्हें आईसीसी के एलीट पैनल से बाहर कर दिया गया था। आईसीसी ने बाद में कहा था कि ऐसा जांच में उनका नाम आने की वजह से नहीं किया गया था।
रऊफ ने खु़द को निर्दोष बताया था। 2016 में बीसीसीआई ने रऊफ को भ्रष्टाचार और दुराचार के आरोपों में पांच साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया था।
रऊफ पर प्रतिबंध लगाने के बाद उनके जीवन में बदलाव आ गया था। वह लाहौर के एक बाजार में जूते की दुकान चलाते थे।
रऊफ प्रथम श्रेणी क्रिकेट में मध्य क्रम के बल्लेबाज रहे थे और राष्ट्रीय बैंक और रेलवे के लिए 71 प्रथम श्रेणी मैचों में उन्होंने 28.76 के औसत से 3423 रन बनाए थे।
हिंदी पोस्ट वेब डेस्क
(इनपुट्स: आईएएनएस)
(इनपुट्स: आईएएनएस)
